उत्तराखंड में पंतनगर यूनिवर्सिटी के 77 रिटायर्ड शिक्षकों को राहत। पेंशन से काटी गई रकम पर दिए ये निर्देश………

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पंतनगर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन से की गई रिकवरी के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने विश्वविद्यालय के मुख्य कोषाधिकारी (CTO) और निदेशक को आदेश जारी करते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन से काटी गई धनराशि को आठ सप्ताह के भीतर वापस भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।

77 सेवानिवृत्त शिक्षकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
मामले में पंतनगर विश्वविद्यालय सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ की ओर से याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि वे विश्वविद्यालय के ऐसे शिक्षक हैं, जो 1 जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

याचिका में कहा गया कि वर्ष 2016 में विश्वविद्यालय के मुख्य कोषाधिकारी द्वारा पेंशन संबंधी गणना में त्रुटि के चलते अधिक भुगतान कर दिया गया था। इसके बाद 31 दिसंबर 2022 को मुख्य कोषाधिकारी ने विश्वविद्यालय के निदेशक को पत्र लिखकर अतिरिक्त भुगतान की वसूली करने की संस्तुति की।

बिना सुनवाई के खातों से काट लिए गए पैसे
याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनका पक्ष सुने बिना ही उनके खातों से रिकवरी शुरू कर दी। इस प्रक्रिया में कई शिक्षकों की पेंशन से करीब 1.54 लाख रुपये तक की राशि काट ली गई।

सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अदालत में दलील दी कि सरकारी गजट 2009 की अधिसूचना के अनुसार उनकी पेंशन से इस प्रकार की रिकवरी नहीं की जा सकती थी। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करते हुए धनराशि की वसूली की।

रिकवरी आदेश को दी गई थी चुनौती
याचिका में कुल 77 सेवानिवृत्त शिक्षकों ने मुख्य कोषाधिकारी और विश्वविद्यालय निदेशक द्वारा जारी रिकवरी आदेश को चुनौती दी थी। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि उनकी पेंशन से काटी गई राशि वापस दिलाई जाए और रिकवरी आदेश को निरस्त किया जाए।

हाईकोर्ट ने दिए धनराशि लौटाने के निर्देश
मामले की सुनवाई के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के पक्ष में राहत देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि पेंशन से काटी गई राशि का भुगतान आठ सप्ताह के भीतर किया जाए।

इस फैसले को पंतनगर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। वहीं, यह निर्णय भविष्य में पेंशन संबंधी रिकवरी मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।