उत्तराखंड के त्रियुगीनारायण, कार्तिक स्वामी और कैंचीधाम का होगा कायाकल्प, डेस्टिनेशन प्लान मंजूर………

देहरादून: प्रकृति, अध्यात्म और साहसिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण उत्तराखंड में इन्हें बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने कमर कसी है। परिषद की मंगलवार को हुई 24 वीं बोर्ड बैठक में आध्यात्मिक पर्यटन के दृष्टिगत त्रियुगीनारायण मंदिर, कार्तिक स्वामी मंदिर और कैंचीधाम के लिए डेस्टिनेशन प्लान तैयार करने को स्वीकृति दी गई।

वहां विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए जल्द ही कंसल्टेंट की नियुक्ति की जाएगी। बैठक में गढ़वाल व कुमाऊं में 50-50 ट्रेकिंग रूट की जीपीएस आधारित मैपिंग कराने समेत अन्य कई निर्णय भी लिए गए।

आध्यात्मिक स्थलों का डेस्टिनेशन प्लान बनाने को हरी झंडी
गढ़ी कैंट स्थित पर्यटन मुख्यालय के आइएचएम के सभागार में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई यूटीडीबी की बोर्ड बैठक में तमाम विषयों पर चर्चा के बाद स्वीकृति दी गई। तय किया गया कि डेस्टिनेशन प्लान के अंतर्गत भगवान शिव व माता पार्वती के विवाह स्थल के रूप में विख्यात त्रियुगीनारायण (रुद्रप्रयाग) में डेस्टिनेशन वेडिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसी तरह रुद्रप्रयाग जिले में ही स्थित भगवान कार्तिकेय स्वामी मंदिर के लिए ट्रेकिंग ट्रेल व तीर्थ सुविधाओं के विकास की योजनाएं बनाई जाएंगी।

गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में 50-50 ट्रेकिंग रूट की जीपीएस आधारित मैपिंग
नैनीताल जिले में बाबा नींब करौरी महाराज से जुड़े विख्यात आध्यात्मिक केंद्र कैंचीधाम में आगंतुक प्रबंधन, पार्किंग व सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके लिए योजनाएं बनाने को नियुक्त होने वाला कंसल्टेंट ऐसे अन्य स्थलों के लिए भी योजनाएं बनाएगा।

ट्रेकिंग रूट के लिए बनेगा एप
गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में चिह्नित 50-50 ट्रेकिंग रूट की जीपीएस मैपिंग कराने के साथ ही इनके लिए एक मोबाइल एप विकसित करने का निर्णय लिया गया। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इन प्रयासों से ट्रेकिंग रूट पर सुरक्षा मजबूत होगी। ट्रेकर दलों के साथ ही प्रशासन को भी इनके मूवमेंट की जानकारी रहेगी।

होम स्टे पर पांच लाख रुपये तक का अनुदान
ट्रेकिंग रूट पर होम स्टे निर्माण के लिए अनुदान राशि बढ़ाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। तय किया गया ट्रेकिंग-ट्रक्शन होम स्टे योजना में अब नए कक्ष के निर्माण को एक लाख रुपये अनुदान मिलेगा, जो पहले 60 हजार रुपये था। इसी प्रकार होम स्टे में प्रति क्लस्टर अधिकतम पांच लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही कक्ष मरम्मत अनुदान 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करने और 10 से 15 प्रमुख ट्रेकिंग मार्गाें पर सामुदायिक केंद्र बनाने का निर्णय भी लिया गया।