उत्तराखंड में 277 गांवों को एचआरडीए से दूर करने का प्रस्ताव पर मुहर, बोर्ड बैठक में सदस्यों ने रखी बात………

देहरादून: जिला पंचायत बोर्ड बैठक में एचआरडीए (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण) से जनपद के गांवों बाहर करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि प्राधिकरण केवल नक्शा पास करने तक सीमित है।

विकास कार्य शहर में होते हैं, इसलिए, जिला पंचायत को नक्शा पास करने का अधिकार दिया जाए, ताकि, नक्शा बनाना सरल और गांवों में विकास कार्य भी हो सकें। सोमवार को देवपुरा स्थित जिला पंचायत के सभागार में हुई बैठक में सर्वसम्माति से एचआरडीए में शामिल गांवों को बाहर करने का मुद्दा उठा। जिसे जिला पंचायत सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि नक्शा बनाने के लिए ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है, उन्हें, प्राधिकरण के चक्कर काटने पड़ते हैं। प्राधिकरण से नक्शा पास कराना चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे ग्रामीण नहीं बनवा पाते हैं। उन्हें दलालों का सहारा लेना पड़ता है, तब जाकर वह नक्शा पास करा पाते हैं।

इसमें ग्रामीणों का अच्छा-खासा पैसा और समय बर्बाद हो जाता है। उसके बावजूद भी गांवों में विकास नहीं किया जा रहा है। सभी विकास कार्य शहरों में होते हैं, इसलिए, गांवों को प्राधिकरण से बाहर निकाला जाए।