अब कांवड़ यात्रा के लिए नए नियम लागू, 10 फीट ऊंचाई और 12 फीट चौड़ाई की सीमा तय………..
मेरठ: आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कांवड़ों के आकार को लेकर सख्त मानक तय कर दिए हैं। अब कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई दस फीट और चौड़ाई 12 फीट निर्धारित की गई है।
जिले की सीमाओं पर हाइट गेज लगाए जाएंगे, जिनसे गुजरने के बाद ही कांवड़ों को प्रवेश मिलेगा। प्रशासन ने सभी कांवड़ समितियों और शिवभक्तों से निर्धारित मानकों का पालन करने की अपील की है।
कांवड़ यात्रा पर सख्त नियम
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने कांवड़ों के आकार को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। तय मानकों के अनुसार कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई दस फीट और चौड़ाई 12 फीट होगी। इससे अधिक आकार की कांवड़ लेकर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बिजली तारों व हादसों से बचाव की तैयारी
जिले की सीमाओं पर विशेष हाइट गेज लगाए जाएंगे। हर बड़ी कांवड़ को इन गेज से गुजरना होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह निर्धारित मानकों के अनुरूप है। यदि कोई कांवड़ तय सीमा से अधिक ऊंची या चौड़ी पाई जाती है तो उसे जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम संदीप सिंह ने बताया कि पिछले वर्षों में अत्यधिक ऊंची कांवड़ों के कारण बिजली की हाइटेंशन लाइनों, पुलों और अन्य संरचनाओं के पास दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। कई स्थानों पर यातायात भी बाधित होता था। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए इस बार पहले से ही स्पष्ट मानक तय किए गए हैं ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
जिले की सीमाओं पर पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें तैनात रहेंगी। यह टीमें कांवड़ों की जांच करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को निर्धारित नियमों की जानकारी भी देंगी।
कांवड़ समितियों से भी आग्रह किया गया है कि वह कांवड़ तैयार करते समय निर्धारित मापदंडों का विशेष ध्यान रखें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। निर्धारित मानकों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित करना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


