उत्तराखंड में राज्य कर विभाग ने तीन फर्मों पर मारा छापा,करोड़ो की कर चोरी पकड़ी…….
काशीपुर: कर चोरी के खिलाफ उत्तराखंड राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए काशीपुर क्षेत्र में एक साथ तीन फर्मों पर छापेमारी की। विभागीय टीमों ने प्रतिष्ठानों की स्थानीय जांच, तलाशी और अभिलेख जब्ती की कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित फर्मों ने अपनी वास्तविक बिक्री का पूरा विवरण जीएसटी रिटर्न में घोषित नहीं किया था। कार्रवाई के दौरान फर्मों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए 1.72 करोड़ रुपये की धनराशि स्वेच्छा से राजकोष में जमा कराई।
बिक्री छिपाकर घटाई जा रही थी GST देनदारी
राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन के निर्देश पर करापवंचन करने वाली फर्मों की लगातार निगरानी और मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी अभियान के तहत रुद्रपुर की विशेष जांच शाखा ने काशीपुर क्षेत्र में पंजीकृत कुछ संदिग्ध फर्मों को चिन्हित किया था।
अपर आयुक्त राज्य कर राकेश वर्मा, कुमाऊं जोन रुद्रपुर के निर्देशन और संयुक्त आयुक्त श्याम तिरुवा, काशीपुर के मार्गदर्शन में विभागीय टीमों ने 20 अगस्त को तीन फर्मों के खिलाफ एक साथ कार्रवाई की। विभाग को आशंका थी कि संबंधित फर्में वास्तविक कारोबार की तुलना में कम बिक्री दिखाकर अपनी जीएसटी देनदारी घटा रही हैं।
लेखा-पुस्तक और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त
कार्रवाई का नेतृत्व उपायुक्त राज्य कर मोहम्मद इशाक खान ने किया। विभागीय टीमों ने प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध लेखा-पुस्तकों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कब्जे में लिया।
ज्योग्राफिक मैप्स और जीपीएस गाइड एक्सप्लोर करना
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फर्मों ने वास्तविक बिक्री का पूरा ब्योरा जीएसटी रिटर्न में दर्ज नहीं किया था। अब विभाग जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक आंकड़ों की विस्तृत जांच करेगा। जांच के दौरान वास्तविक कारोबार और घोषित कारोबार के बीच अंतर का आकलन किया जाएगा।
गलती स्वीकार की, 1.72 करोड़ रुपये जमा
जांच के दौरान संबंधित फर्मों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कुल 1.72 करोड़ रुपये स्वेच्छा से राजकोष में जमा कराए। हालांकि राज्य कर विभाग की कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। विभाग के अनुसार जब्त अभिलेखों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की विस्तृत जांच के बाद वास्तविक कर देनदारी का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार कर, ब्याज और अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी।
तीनों फर्मों पर कार्रवाई के लिए राज्य कर विभाग ने तीन अलग-अलग टीमें गठित की थीं। अभियान में कुल 43 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। इनमें 23 अधिकारी और 20 कर्मचारी थे। अभियान में उपायुक्त राज्य कर ज्ञान चंद्र, उपायुक्त सौरभ तिवारी, सहायक आयुक्त कविता पाठक, डॉ. हरेंद्र सिंह, मोहम्मद यासिर, संतोष कुमार, अनिल सिंह चौहान, दीपक कुमार, हरिओम वर्मा और अमर कुमार समेत विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
कर चोरी करने वाली फर्मों पर आगे भी होगी कार्रवाई
राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारोबार छिपाकर जीएसटी देनदारी कम दिखाने वाली फर्मों के खिलाफ जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग संदिग्ध कारोबारियों की गतिविधियों की निगरानी कर रहा है और डेटा के आधार पर करापवंचन करने वाली फर्मों को चिन्हित किया जा रहा है।
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