उत्तराखंड में हाई कोर्ट की नई बिल्डिंग का खाका तैयार, बनेगी 8000 वाहनों की पार्किंग, ऑनलाइन डेटा सेंटर और सभागार……..
हल्द्वानी: बेलबाबा के पास हाई कोर्ट के नए भवन और परिसर में कई जरूरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रस्ताव में ऑनलाइन डेटा सेंटर, ऑनलाइन पार्किंग और सभागार भी शामिल रहेगा। फिलहाल लोनिवि का पूरा फोकस वनभूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पर है।
राहत की बात यह है कि पर्यावरणीय क्षतिर्पूति को लेकर राजस्व भूमि का चयन करने की बजाय दोगुनी नहीं बल्कि बराबर (30 हेक्टेयर) जमीन से काम चल जाएगा। विभाग के अनुसार सैद्धांतिक स्वीकृति के बाद ही डिजाइन और डीपीआर के गठन को लेकर कंपनी का चयन भी होगा। अलग-अलग पार्किंग मिलाकर इनकी क्षमता करीब आठ हजार वाहनों की होगी।
हाई कोर्ट के नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्टिंग को लेकर शासन ने बेलबाबा के पास तराई केंद्रीय डिवीजन की भाखड़ा रेंज की 30 हेक्टेयर जमीन का चयन किया है। लोनिवि को वनभूमि हस्तांतरण के लिए नोडल बनाया गया है। पहली चुनौती पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति को भूमि के चयन की थी।
ईई प्रत्यूष कुमार ने बताया कि बेतालघाट ब्लाक के ग्राम हल्दियानी पट्टी जोशीखोला में राजस्व जमीन मिलने के बाद 19 अगस्त को संयुक्त टीम ने निरीक्षण भी कर चुकी है। अब इस भूमि के आधार पर बेलबाबा की जमीन के हस्तांतरण को लेकर आवेदन किया जाएगा। विभाग के अनुसार भूमिगत पार्किंग के कोर्ट संख्या के आधार पर तैयार होने वाले अलग-अलग ब्लाक में भी पार्किंग के निर्माण को प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा।
गौलापार में शासन के दिए 13 लाख वापस हो गए थे
हाई कोर्ट शिफ्टिंग काे लेकर पूर्व में गौलापार में तराई पूर्वी डिवीजन की जमीन पर सर्वे हुआ। पेड़ों की गणना के साथ भूमि का प्राथमिक सर्वे भी किया गया।
इसके बाद डिजाइन और डीपीआर को लेकर कंपनी के चयन को शासन से 13 लाख की स्वीकृति भी मिली। लेकिन बाद में गौलापार की जमीन को लेकर केंद्रीय वन मंत्रालय ने आपत्ति लगाते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। जिस वजह से 13 लाख रुपये शासन को वापस कर दिए गए थे।


