उत्तराखंड में 19.04 लाख मतदाताओं को चुनाव आयोग का नोटिस, गलत जानकारी देने पर हो सकती है जेल और जुर्माना………
देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सामने आई विसंगतियों पर चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य के 19.04 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता द्वारा गलत या भ्रामक जानकारी दी गई है और जांच में यह सही पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में एक वर्ष तक की जेल, ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
SIR प्रपत्र में मिलीं कई तरह की विसंगतियां
चुनाव आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जमा किए गए प्रपत्रों में नाम, आयु, रिश्तेदार की आयु और अन्य व्यक्तिगत विवरणों में कई प्रकार की विसंगतियां सामने आई हैं। इन्हीं आधारों पर संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
नोटिस में मतदाता का नाम, EPIC नंबर, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या, क्रम संख्या, पता, नोटिस जारी होने का कारण तथा सुनवाई की तिथि, समय और स्थान का पूरा विवरण दिया गया है।
गलत जानकारी देने पर होगी कानूनी कार्रवाई
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इन कानूनों के तहत होगी कार्रवाई
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-217 के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी लोक सेवक को जानबूझकर झूठी सूचना देकर किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है, तो उसे एक वर्ष तक की कैद, ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
इसके अलावा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए झूठी घोषणा करना भी दंडनीय अपराध है। इस अपराध में भी एक वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
दस्तावेजों का होगा स्वतंत्र सत्यापन
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि सुनवाई के दौरान मतदाता जो भी दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे, उनका आयोग स्वतंत्र रूप से सत्यापन कराएगा।
उन्होंने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी 10वीं की मार्कशीट या अन्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करता है, तो उसका संबंधित बोर्ड या विभाग से सत्यापन कराया जाएगा। यदि कोई दस्तावेज फर्जी, मनगढ़ंत या गलत पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मतदाताओं से आयोग की अपील
चुनाव आयोग ने सभी नोटिस प्राप्त मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर सही दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने की अपील की है। आयोग ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने के लिए यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संचालित की जा रही है।


