आधी रात को ऋषभ पंत ने लगाई मदद की गुहार, उत्तराखंड के सीएम से की मांग, कहा- प्लीज मेरी मदद करें………
देहरादून: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने अपने गृह राज्य उत्तराखंड लौटने और वहां अपना पहला घर बनाने की इच्छा जाहिर की है। इस समय श्रीलंका दौरे पर मौजूद 28 वर्षीय पंत ने आधी रात सोशल मीडिया के जरिए सीधे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली से अपना बेस शिफ्ट कर उत्तराखंड में जमीन खरीदना चाहते हैं लेकिन पिछले तीन सालों से लगातार कोशिशों के बावजूद उन्हें कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
ऋषभ पंत ने लगाई गुहार
ऋषभ पंत ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए अपनी दिल की बात रखी और राज्य से अपने जुड़ाव का जिक्र किया। पंत ने एक्स पर लिखा, ‘नमस्ते सर, आप कैसे हैं? उत्तराखंड का निवासी होने के नाते मुझे काफी समय हो गया है। मैं दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन रहने के लिए कोई बड़ी और सुविधाजनक जगह नहीं मिल पा रही है। मुझे अपने उत्तराखंड से बहुत प्यार है। मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया जमीन अधिग्रहण में मेरी मदद करें क्योंकि आजकल स्पष्टता के साथ जमीन मिलना एक बुरा सपना बन गया है। सब कुछ दरकिनार कर मैं अपने पहाड़ी लोगों के बीच वापस लौटना चाहता हूं और राज्य के विकास में योगदान देना चाहता हूं। पिछले 3 सालों से मुझे कोई जमीन नहीं मिली है आपके जवाब का इंतजार रहेगा।’
पंत खरीदना चाहते हैं जमीन
सके तुरंत बाद किए गए एक अन्य पोस्ट में पंत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह सरकार से किसी तरह का मुफ्त उपहार नहीं मांग रहे हैं बल्कि सही सरकारी दरों पर जमीन खरीदना चाहते हैं। उन्होंने लिखा, ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपहार मिलना तो प्यारा होगा लेकिन अगर आप अनुमति दें तो मैं इसे सरकार से उनकी तय दरों पर खरीदना चाहता हूं। कम से कम मैं अपने राज्य में अपना पहला घर बना सकूं। कृपया इसमें मदद करें, मुझे वास्तव में नहीं पता कि यह प्रक्रिया कैसे की जाती है।’
श्रीलंका में हैं ऋषभ पंत
पंत का यह बयान ऐसे समय आया है जब वह 15 अगस्त से शुरू हो रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए श्रीलंका में वॉर्मअप मैच खेल रहे हैं। मैच के पहले दिन उन्होंने शुरुआती कुछ समय विकेटकीपिंग की जिसके बाद भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए खिलाड़ियों के वर्कलोड को मैनेज करने के तहत ध्रुव जुरेल ने उनकी जगह ली।


