उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम, देहरादून समेत 7 जिलों में बारिश, IMD लेटेस्ट अपडेट………
देहरादून: उत्तराखंड में बारिश थमते ही दिन का तापमान चढ़ने लगा है। कई शहरों में तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री अधिक पहुंच गया। वहीं, रातें कुछ जगह सामान्य से ठंडी रहीं। दिन-रात के तापमान में करीब 11 डिग्री तक का अंतर बना हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने आज सात जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इसमें देहरादून, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग समेत जिले हैं। दूसरी ओर मौसम बदलने के साथ प्रदेश में मौसमी रोगों के साथ मच्छर और जलजनित बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़े हैं। स्वाइन फ्लू, वायरल फीवर, चिकनगुनिया, डेंगू और टायफाइड के पीड़ित बढ़ने से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 15 से 17 फीसदी तक इजाफा हुआ है।
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि उत्तरकाशी,चमोली, देहरादून, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बौछार पड़ने की भी संभावना है। राज्य के बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है।
देहरादून में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहा, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक है। पंतनगर में दिन का तापमान 35.2 डिग्री पहुंच गया। यह सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। यहां रात का तापमान 24.1 डिग्री रहा, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक है।
मुश्किल: बदलते मौसम की मार, अस्पतालों में मरीजों की कतार
उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में सामान्य दिनों में रोजाना करीब 25 हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। अब यह संख्या बढ़कर 30 से 32 हजार तक पहुंच गई है। राजधानी के प्रमुख अस्पतालों में भी रोगियों की भीड़ बढ़ी है। दून अस्पताल में प्रतिदिन 2500 से 3000 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। कोरोनेशन अस्पताल की ओपीडी करीब एक हजार तक पहुंच गई है। इनमें बड़ी संख्या बुखार, खांसी-जुकाम, बदन दर्द और वायरल संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों की है।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतना जरूरी
डॉ.कुमार जी कौल ने भीड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने व हाथों की सफाई की सलाह दी है। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने को कहा है। बुखार, खांसी-जुकाम होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह दवा न लेने की सलाह दी गई है। पर्याप्त आराम, पानी और पौष्टिक भोजन लेने को कहा गया है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण का खतरा
डॉ.अरुण पांडेय ने बताया, मौसम बदलने पर शरीर को तापमान के उतार-चढ़ाव के अनुकूल होने में समय लगता है। खांसने, छींकने व संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फ्लू फैल सकता है। बाजार,सार्वजनिक स्थान व भीड़ वाले क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, मजदूर और नौकरीपेशा लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
हर दूसरा मरीज फ्लू के लक्षण वाला
दून अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में रोज करीब 600 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 60% मरीजों में बुखार, जुकाम, खांसी व बदन दर्द जैसे फ्लू के लक्षण हैं। डॉ. सोनिया सिंह ने कहा कि दिन-रात के तापमान में 10 डिग्री से अधिक का अंतर है। सुबह-शाम हल्की ठंड भी वायरल और फ्लू संक्रमण के लिए अनुकूल स्थिति बना रही है।
वायरल से बदन और हड्डियों में दर्द
डॉ.प्रवीण पंवार के मुताबिक मेडिसिन ओपीडी में 20 से 30% मरीज बदन और हड्डियों में दर्द की शिकायत के पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार वायरल फीवर और चिकनगुनिया में तेज बुखार के साथ शरीर और जोड़ों में दर्द हो सकता है। पर्याप्त पानी न पीने और खानपान में लापरवाही से परेशानी बढ़ सकती है।


