उत्तराखंड में जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपी, जानिए क्या कुछ हुआ……….

देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर नैनीताल हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई।

हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 18 अगस्त 2026 की तारीख तय की है। उस दिन अभियोजन पक्ष और शिकायतकर्ता की ओर से अपना पक्ष अदालत के सामने रखा जाएगा।

मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत याचिकाओं पर न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान तीनों आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने बचाव में दलीलें पेश कीं।

आरोपियों ने कहा- हमें गलत तरीके से फंसाया गया।
अभियुक्तों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि वे निर्दोष हैं और अभियोजन पक्ष ने उन्हें मामले में जबरन फंसाया है। बचाव पक्ष ने मामले से जुड़े कुछ तथ्यों और साक्ष्यों को भी अदालत के समक्ष रखा।

सुनवाई के दौरान व्हाट्सऐप संदेशों को लेकर भी सवाल उठाए गए। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि जिन व्हाट्सऐप संदेशों के आधार पर मामले की कहानी को आगे बढ़ाया गया, उनकी सत्यता और सत्यापन को लेकर सवाल हैं।

तीनों अभियुक्तों की ओर से अपने बचाव में विस्तृत बहस की गई। अब अगली सुनवाई में अभियोजन पक्ष और शिकायतकर्ता की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा।

तीनों को निचली अदालत सुना चुकी है उम्रकैद
गौरतलब है कि कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को अंकिता भंडारी की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

अदालत ने मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302, 201 और 354(ए) के तहत दोषी ठहराया था। वहीं, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को धारा 302 और 201 के तहत दोषी माना गया था।

निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ तीनों दोषियों की ओर से हाईकोर्ट में अपील दायर की गई है। इन अपीलों पर सुनवाई अभी लंबित है।

2022 में सामने आया था अंकिता भंडारी हत्याकांड।
अंकिता भंडारी हत्याकांड वर्ष 2022 में सामने आया था। अंकिता ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी।

अंकिता 18 सितंबर 2022 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। कई दिनों तक तलाश के बाद 24 सितंबर 2022 को उसका शव चीला बैराज से बरामद किया गया था।

मामले के सामने आने के बाद पूरे उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश देखने को मिला था और इस हत्याकांड ने राष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोरी थीं।

अब 18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई।
फिलहाल हाईकोर्ट में तीनों दोषियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई जारी है। सोमवार को बचाव पक्ष की ओर से अपनी दलीलें रखी गईं। अब 18 अगस्त 2026 को अभियोजन पक्ष और शिकायतकर्ता की ओर से पक्ष रखा जाएगा।

इसके बाद अदालत मामले में आगे की कार्यवाही को लेकर निर्णय करेगी। हाईकोर्ट में लंबित अपील और जमानत याचिकाओं पर होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।