दिल्ली-देहरादून हाईवे पर आग का गोला बनी 26 यात्रियों से भरी चलती रोडवेज स्लीपर बस, देखे वीडियो……..

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में शुक्रवार सुबह दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दौराला थाना क्षेत्र के दादरी के पास जयपुर से हरिद्वार जा रही राजस्थान रोडवेज की एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई।

देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही देर में पूरी बस जलकर राख हो गई। राहत की बात यह रही कि चालक की तत्परता और सूझबूझ से बस में सवार सभी 26 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

चलती बस से उठने लगा धुआं, तुरंत रोकी गई गाड़ी
जानकारी के अनुसार, राजस्थान रोडवेज की अनुबंधित स्लीपर बस जयपुर से हरिद्वार की ओर जा रही थी। शुक्रवार सुबह जब बस मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र स्थित दादरी के पास दिल्ली-देहरादून हाईवे से गुजर रही थी, तभी बस से अचानक धुआं निकलने लगा।

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक राजेंद्र ने तत्काल बस को सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद परिचालक रामप्रकाश की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से नीचे उतार लिया गया और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

कुछ ही मिनटों में आग का गोला बनी बस
यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते पूरी बस आग की लपटों में घिर गई। मौके पर मेरठ से पांच और मुजफ्फरनगर से तीन दमकल की गाड़ियां पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।

बस में आग लगने के कारण दिल्ली-देहरादून हाईवे पर काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारु कराया और सुरक्षा व्यवस्था संभाली।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

पुलिस और परिवहन विभाग ने सभी यात्रियों को दूसरी बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य हरिद्वार के लिए रवाना कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

यदि चालक समय रहते बस नहीं रोकता और यात्रियों को तुरंत बाहर नहीं निकालता तो यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था। चालक और परिचालक की सतर्कता के कारण 26 यात्रियों की जान बच गई।