नेपाल में मौत का आंकड़ा पहुंचा 177, 826 लापता, 300 से ज्यादा भारतीय भी शामिल…….

काठमांडू: नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह तक बाढ़ में 177 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 826 लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि लापता लोगों में 300 से ज्यादा भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इस बीच राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। नेपाली सेना ने बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित टिमुरे क्षेत्र से 95 नेपाली नागरिकों और 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तंत्र में मची तबाही
बुधवार को नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ ने रसुवा से लेकर नुवाकोट, धादिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी के कई इलाकों को प्रभावित किया। बाढ़ के साथ आए मलबे और तेज बहाव ने घरों, वाहनों, पुलों और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर नदी किनारे बसी बस्तियां देखते ही देखते तबाह हो गईं।

नेपाल पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक बरामद शव कई जिलों में मिले हैं। सबसे ज्यादा शव चितवन क्षेत्र से बरामद किए गए हैं। राहत दल नदी के किनारे और डाउनस्ट्रीम इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।

826 लोग अब भी लापता, बड़ी संख्या में पर्यटक
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक 826 लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें स्थानीय लोगों के साथ सुरक्षा बलों के जवान और पर्यटक भी शामिल हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार लापता लोगों में 579 पर्यटक, 44 नेपाली सेना के जवान, 28 नेपाल पुलिसकर्मी और 13 सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया है कि 300 से अधिक भारतीय नागरिक लापता हैं, जिनमें बड़ी संख्या में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के होने की बात सामने आई है। हालांकि अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर है और बचाव अभियान जारी रहने के साथ संख्या में बदलाव संभव है।

टिमुरे से 21 भारतीयों समेत 116 लोगों का रेस्क्यू
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बताया कि नेपाली सेना ने गुरुवार सुबह बाढ़ प्रभावित टिमुरे क्षेत्र में अभियान चलाकर 95 नेपाली नागरिकों और 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला। यह इलाका चीन सीमा के नजदीक स्थित है और बाढ़ की सबसे ज्यादा मार झेलने वाले क्षेत्रों में शामिल है।

हिमखंड और चट्टानों के खिसकने से आई तबाही
नेपाल के अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार नेपाल-चीन सीमा के पास ल्हेंदे नदी के ऊपरी हिस्से में बर्फ और चट्टानों के बड़े हिस्से के खिसकने से नदी का प्रवाह बाधित हुआ। इसके बाद मलबे के साथ पानी का तेज बहाव नीचे की ओर आया और टिमुरे से होते हुए भोटेकोशी तथा आगे त्रिशूली नदी तंत्र में फैल गया।

अचानक आई इस बाढ़ की भयावहता इसलिए भी ज्यादा रही क्योंकि प्रभावित क्षेत्र में उस समय व्यापक बारिश नहीं हो रही थी। अचानक मलबे और पानी का सैलाब आने से लोगों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला।

सैकड़ों वाहन और महत्वपूर्ण ढांचा बहा
बाढ़ के तेज बहाव में सीमा क्षेत्र में खड़े बड़ी संख्या में वाहन और ट्रक बह गए। कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित इलाकों का संपर्क टूट गया है। जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई मार्गों पर यातायात बाधित है। राहत एवं बचाव टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

पीएम बालेंद्र शाह ने प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह गुरुवार को नुवाकोट जिले के बिदुर नगरपालिका क्षेत्र में पहुंचे और बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और जनप्रतिनिधियों के साथ राहत, पुनर्वास तथा क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को जल्द बहाल करने को लेकर चर्चा की।

सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश में बचाव अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।

पीएम मोदी ने बालेंद्र शाह से की बात, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई जनहानि पर संवेदना जताई और भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया। भारत ने राहत एवं बचाव कार्यों में नेपाल के साथ समन्वय बढ़ाया है।
भारत ने भारतीय वायुसेना के C-130J विमान के जरिए करीब 10 टन राहत सामग्री और जरूरी मेडिकल सप्लाई नेपाल भेजी है। राहत सामग्री में अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और आवश्यक दवाएं शामिल हैं। आगे भी अतिरिक्त राहत सामग्री भेजे जाने और बचाव-निकासी के लिए हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल की तैयारी है।

उत्तराखंड के लोगों के लिए भी हेल्पलाइन
नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने को देखते हुए उत्तराखंड के नागरिकों को भी सतर्क रहने और अपने परिजनों से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए संबंधित प्रशासनिक माध्यमों से संपर्क करने की अपील की गई है।

उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों के अनुसार नेपाल में फंसे उत्तराखंड के नागरिकों या उनके संबंध में जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:

0135-2710334, 2710335
2664314, 2664315, 2664316
8218867005
टोल फ्री: 1070

राहत-बचाव अभियान जारी, मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
नेपाल में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। हेलीकॉप्टरों और सुरक्षा बलों की मदद से दुर्गम इलाकों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। नदी किनारे और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

177 लोगों की मौत और 826 लोगों के लापता होने के साथ यह आपदा नेपाल की हालिया सबसे भयावह प्राकृतिक त्रासदियों में शामिल हो गई है। बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के लापता होने से भारत में भी चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों और लापता लोगों के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।