अब CJP ने अब उत्तराखंड सरकार को चेतावनी दी, 10 दिन की मोहलत, जानिए किसका इस्तीफा मांगा……….
देहरादून: मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में स्कूलों की जर्जर हालात के खिलाफ मुहिम के बीच सीजेपी ने उत्तराखंड में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। सीजेपी ने धामी सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया।
CJP ने अब उत्तराखंड में आंदोलन की चेतावनी दी।
दिल्ली के जंतर-मंतर से आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का देशभर में प्रदर्शन और सरकारों को चेतावनी का दौर जारी है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और राजस्थान में स्कूलों की जर्जर हालात के खिलाफ अभियान के क्रम में अब सीजेपी ने देवभूमि में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। अभिजीत दीपके के नेतृत्व में पार्टी ने पुष्कर सिंह धामी सरकार की जमकर आलोचना की। प्रदेश में बंद पड़े प्राथमिक स्कूलों को दोबारा संचालित करने के लिए सरकार से दस दिन के भीतर रोडमैप जारी करने की मांग की है। चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर दो अक्तूबर के बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मंत्री के ही बयान का हवाला दिया
सीजेपी के नॉर्थ जोन कोऑर्डिनेटर श्रेष्ठ सिंह खेड़ा ने रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्षों में प्रदेश में 826 प्राथमिक स्कूल बंद हुए हैं। यह आंकड़ा विधानसभा में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के जवाब के आधार पर सामने आया था।
शिक्षा में सुधार की कार्ययोजना बने
खेड़ा ने कहा कि सरकार को बंद स्कूलों को दोबारा संचालित करने के साथ ही सरकारी स्कूलों की शिक्षा की व्यवस्था सुधारने को ठोस कार्ययोजना बनानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी स्कूलों की व्यवस्था कमजोर होने के कारण निजी स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में आगे निकल रहे हैं।
कार्रवाई नहीं हुई तो मंत्री से इस्तीफा मांगेंगे
खेड़ा ने कहा कि दस दिन में रोडमैप जारी नहीं हुआ तो दो अक्तूबर के बाद आंदोलन होगा। इस दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी। खेड़ा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज की घटना पर रोष जताया।
‘भूतिया गांवों’ में जलाते दीये
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर देशभर में दीपक जलाए जाने का जिक्र करते हुए खेड़ा ने कहा कि ऐसे दीये राज्यभर के खाली पड़े ‘भूतिया गांवों’ में जलाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा की व्यवस्था और पहाड़ से पलायन के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।


