दिल्ली से हरिद्वार जाना होने वाला है आसान, अब 1 घंटे में तय हो सकता है सफर, नितिन गडकरी ने दी जानकारी……….
दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में बताया है कि दिल्ली से हरिद्वार के बीच सफर का समय कम करने वाली सड़क परियोजना को अगले महीने खोला जा सकता है।
दिल्ली से हरिद्वार के बीच यात्रा करना अब लोगों के लिए जल्द ही आसान हो सकता है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में बताया है कि दिल्ली से हरिद्वार के बीच सफर का समय कम करने वाली सड़क परियोजना को अगले महीने खोला जा सकता है. इससे धार्मिक स्थलों तक पहुंचना आसान होगा। साथ ही पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली से हरिद्वार अब 1 घंटे में
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के कार्यक्रम में बोलते हुए नितिन गडकरी ने बताया है कि दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हुआ है। पहले इस सफर में करीब सात घंटे लगते थे, जबकि अब इसे लगभग दो घंटे में पूरा किया जा सकता है।
इसके अलावा नितिन गडकरी ने कहा है कि अगला कदम दिल्ली से हरिद्वार की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि सरकार अगले महीने इस परियोजना को खोलने की दिशा में काम कर रही है. उनके अनुसार, नया रास्ता शुरू होने के बाद दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लग सकता है।
चारधाम यात्रा में तीन गुना बढ़े पर्यटक
नितिन गडकरी के अनुसार, सड़कों के बेहतर होने से धार्मिक पर्यटन को काफी फायदा हो रहा है. उन्होंने चारधाम सड़क परियोजना का उदाहरण देते हुए बताया कि इस परियोजना का करीब 80 से 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. उनके अनुसार, दिल्ली से बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या पहले के मुकाबले तीन गुना बढ़ गई है।
उन्होंने अयोध्या और महाराष्ट्र में पंढरपुर पालखी मार्ग जैसी परियोजनाओं का भी जिक्र किया. इन सड़कों का उद्देश्य धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान बनाना है, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा में कम समय लगे और रास्ते में बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सड़क परियोजनाओं से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
नितिन गडकरी के अनुसार, सड़क और एक्सप्रेसवे बनाने का फायदा केवल यात्रा आसान होने तक सीमित नहीं है. निर्माण के दौरान मजदूरों को काम मिलता है और सीमेंट, स्टील और निर्माण मशीनों की मांग भी बढ़ती है. इसके अलावा, जब किसी इलाके की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होती है, तो वहां होटल, ढाबे, परिवहन और दूसरे पर्यटन से जुड़े कारोबार के बढ़ने की संभावना रहती है. इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
मंत्री ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि इससे कई ग्रामीण और आदिवासी इलाकों को बड़े आर्थिक केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी. उन्होंने राजस्थान के अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर और बूंदी जैसे जिलों के साथ मध्य प्रदेश के रतलाम और झाबुआ तथा गुजरात के दाहोद का भी उल्लेख किया. उनका कहना है कि बेहतर सड़कें इन इलाकों में कारोबार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती हैं।


