उत्तराखंड में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले बनभूलपुरा में हाई अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा, ड्रोन से निगरानी………
हल्द्वानी: बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में 9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले से पहले नैनीताल जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। फैसले के बाद किसी भी स्थिति में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मंगलवार को पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को ब्रीफ किया। इसके बाद बनभूलपुरा क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकालकर एरिया डोमिनेशन की कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर निगरानी और चेकिंग की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने के साथ ही लगातार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, उसका सम्मानपूर्वक पालन किया जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फैसले से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, 2 सुपर जोन और 4 सेक्टर में बांटा क्षेत्र
बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को 2 सुपर जोन और 4 जोन/सेक्टर में बांटा गया है। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार सुरक्षा ड्यूटी के लिए 2 कंपनी पीएसी, 2 एसपी, 5 सीओ, 15 इंस्पेक्टर/एसओ, 45 एसआई/एएसआई, 10 एलएसआई/एएलएसआई, 182 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल और 47 महिला हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 10 आईसी/ओपी स्तर के कार्मिक भी व्यवस्था में लगाए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत 2 ड्रोन टीमें क्षेत्र की निगरानी करेंगी। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग की 4 यूनिट, यातायात पुलिस की 4 टीमें, बम निरोधक दस्ते की एक टीम, हॉक पुलिस की 2 यूनिट, टियर गैस की 2 टीमें, एंटी-रायट की 2 टीमें और फायरिंग स्क्वाड की 2 टीमें भी तैयार रखी गई हैं। आवश्यकता के अनुसार पुलिस लाइन से अतिरिक्त विशेष दस्ते और अन्य वाहन एवं संसाधन भी लगाए जाएंगे।
रेलवे स्टेशन से संवेदनशील इलाकों तक फ्लैग मार्च, ड्रोन से निगरानी
पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में रेलवे स्टेशन से लेकर बनभूलपुरा के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया। पुलिस के अनुसार रेलवे स्टेशन, लाइन नंबर 17, इंद्रानगर बड़ी रोड, मुजाहिद चौक, गोपाल मंदिर, ठोकर, शनि बाजार रोड, छोटी रोड इंद्रानगर, ताज मस्जिद, 16 नंबर तिराहा, गांधी नगर, लाइन नंबर 8, चोरगलिया रोड, ताज चौराहा, भारद्वाज चौराहा और रेलवे स्टेशन गेट सहित अन्य क्षेत्रों में पुलिस बल ने पैदल मार्च किया।
फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और लोगों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। पुलिस द्वारा बताया गया कि एरिया डोमिनेशन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, जबकि संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध प्रीवेंटिव डिटेंशन और सत्यापन की कार्रवाई भी की जा रही है।
क्षेत्र की निगरानी धरातल के साथ-साथ हवाई माध्यम से भी की जाएगी। ड्रोन के जरिए छतों, गलियों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट करने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा हिंसा या उपद्रव की नीयत से छतों पर पत्थर, रोड़ी, ईंट, मलबा, हथियार या हथियारनुमा वस्तुएं जमा करने की कोशिश किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
अमन कमेटी की बैठक, पुलिस की अपील—फैसले का सम्मान करें, अफवाहों से बचें।
फैसले से पहले बनभूलपुरा कोतवाली में अमन कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक भी आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक अपराध/यातायात नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने और आपसी सौहार्द कायम रखने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि 9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में रेलवे भूमि से संबंधित प्रकरण में निर्णय प्रस्तावित है। अमन कमेटी के सदस्यों से अपील की गई कि न्यायालय के निर्णय का सम्मान किया जाए और उसके बाद की प्रक्रिया में पुलिस-प्रशासन का सहयोग किया जाए। सदस्यों ने भी कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने पर सहमति जताई।
नैनीताल पुलिस ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करें, शांति और सौहार्द बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना के प्रचार-प्रसार से बचें। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली पोस्ट, भ्रामक जानकारी अथवा भड़काऊ बयानबाजी करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फैसले के बाद किसी भी अराजक स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह तैयार है और क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।


