उत्तराखंड में यहाँ गंभीर पीलिया में भी नहीं मानी हार, संघर्षों को मात देकर गांव के पहले डॉक्टर बनेंगे आकाश………
बागेश्वर: गरुड़ क्षेत्र के भिलकोट गांव के आकाश किरोला ने कठिनाइयों से जूझते हुए एमबीबीएस में प्रवेश हासिल किया है। वह गांव और किरोला परिवार के पहले डॉक्टर बनने जा रहे हैं। उन्हें उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित लेट जगजीवन राम राजकीय मेडिकल कालेज में सीट मिली है। नीट में उनके 530 अंक आए।
ऑल इंडिया रैंक 56271 और सामान्य वर्ग रैंक 19135 रही। आकाश ने 2024 में पहली बार नीट दिया और 604 अंक प्राप्त किए, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा की अनियमितताओं के बीच उन्हें मनचाही सीट नहीं मिली। 2025 में गंभीर पीलिया के कारण उन्हें करीब तीन से चार महीने अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।
इससे उनकी तैयारी प्रभावित हुई, लेकिन उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा। 2026 में उन्होंने नीट में 640 अंक हासिल किए। पेपर लीक के कारण दोबारा हुई परीक्षा में शामिल होकर 530 अंक प्राप्त किए और प्रवेश पाया। उनके पिता राजेंद्र सिंह भारतीय सेना में हवलदार रहे हैं और सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
आर्थिक कठिनाइयों के चलते वह 17 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती हुए थे। मां कौशल्या देवी ने सामाजिक विरोध के बावजूद बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए उन्हें गांव से बाहर पढ़ाया। आकाश ने कानपुर, बीकानेर और बरेली के आर्मी पब्लिक स्कूलों में पढ़ाई की। बरेली में हाईस्कूल में 94 प्रतिशत और जीव विज्ञान वर्ग से इंटरमीडिएट में 93.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। उनकी उपलब्धि छोटे गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा है।


