उत्तराखंड में एमडीडीए दीपावली पर एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लाने की तैयारी में है, जिससे हजारों भवन स्वामियों को बिना नक्शा को बड़ी राहत……..
देहरादून: चुनावी साल में इस बार दीपावली पर एमडीडीए (मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण) की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) हजारों भवन स्वामियों को राहत की उम्मीद जगा सकती है। बिना नक्शा पास कराए भवन बनाने या स्वीकृत नक्शे से इतर निर्माण करने वालों को ओटीएस के जरिये अपने निर्माण का नियमानुसार समाधान कराने का अवसर मिल सकता है।
मिलेगा करोड़ों का राजस्व
मौजूदा व्यवस्था में कंपाउंडिंग की भारी-भरकम फीस और नियमों की जटिलता के बीच ओटीएस को राहत के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, योजना की घोषणा, पात्रता, शुल्क में छूट और आवेदन की समयसीमा को लेकर प्राधिकरण के आदेश का इंतजार है, लेकिन सूत्रों की मानें तो ओटीएस इसी माह यानी अक्टूबर में लाने की तैयारी चल रही है, जो करीब एक माह तक प्रभावी रहेगी। अनुमान है कि इससे करोड़ों का राजस्व भी मिलेगा।
ढाई साल पहले आई थी योजना
ओटीएस कोई नई पहल नहीं है। वर्ष 2019 में भी कुछ श्रेणियों के निर्माण, विशेषकर आवासीय क्षेत्रों में संचालित निजी क्लीनिकों के मामलों में, एकमुश्त समाधान का अवसर दिया गया था। इसके बाद मार्च 2021 में भवनों के अनधिकृत निर्माण की कंपाउंडिंग के लिए व्यापक योजना को मंजूरी मिली।
इसे 30 सितंबर 2021 तक लागू किया गया। जून 2022 में योजना को 30 सितंबर तक लाई गई। मार्च-2024 में भी होली के मौके पर अप्रैल से सितंबर तक एकमुश्त समाधान योजना संचालित की गई थी।
यह है एकमुश्त समाधान योजना
एकमुश्त समाधान योजना के तहत निर्धारित श्रेणियों के ऐसे भवनों के नक्शों और निर्माण संबंधी अनियमितताओं का निस्तारण करने का अवसर दिया जाता है, जो प्राधिकरण के नियमों के अनुसार कंपाउंडिंग करने के योग्य हों।
इन्हें मिल सकता है लाभ-
बिना स्वीकृत नक्शे वाले भवन: पात्रता के दायरे में आने वाले भवन स्वामियों को नक्शा स्वीकृत कराने का अवसर मिल सकता है।
स्वीकृत नक्शे से अतिरिक्त निर्माण: निर्धारित मानकों के भीतर आने वाले अतिरिक्त निर्माण को नियमानुसार कंपाउंड कराने की सुविधा मिल सकती है।
कंपाउंडिंग शुल्क में राहत: यदि नई योजना में छूट का प्रविधान किया जाता है, तो भवन स्वामियों का आर्थिक बोझ कम हो सकता है। हालांकि, छूट की दरें अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हैं।
कार्रवाई की आशंका से राहत: पात्र मामलों का नियमानुसार निस्तारण होने पर भवन स्वामियों को संबंधित निर्माण की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण के लिए ओटीएस लाई जा रही है। इसमें केवल वही भवन कंपाउंडिंग होंगे, जो नियमानुसार योग्य होंगे। प्राधिकरण के नियमों से इतर या शहर के हित को दरकिनार कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। :बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए


