उत्तराखंड में अब चार दिन बाद पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी के आसार……….
देहरादून: उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के साप्ताहिक पूर्वानुमान के अनुसार, 19 से 22 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों में मौसम साफ और शुष्क रह सकता है। इसके बाद 23 अक्टूबर से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम करवट ले सकता है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। वहीं, 3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं।
22 अक्टूबर तक प्रदेशभर में शुष्क रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 19, 20, 21 और 22 अक्टूबर को उत्तराखंड के सभी जनपदों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में सुबह और शाम ठंड का एहसास बना रह सकता है, जबकि दिन में धूप खिलने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की उम्मीद है। मैदानी क्षेत्रों में भी दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है, हालांकि सुबह और शाम का मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक रह सकता है।
23 अक्टूबर से पांच पर्वतीय जिलों में बदलेगा मौसम
साप्ताहिक पूर्वानुमान के मुताबिक, 23 अक्टूबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। 3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। प्रदेश के शेष जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
24 अक्टूबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार भी बने रह सकते हैं। अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
25 अक्टूबर को भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर , चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना है। 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, पूरे सप्ताह किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट दिए जाने की जानकारी उपलब्ध पूर्वानुमान में नहीं है।
पहाड़ों में रातें ठंडी, मैदानों में तापमान में उतार-चढ़ाव
प्रदेश में बारिश थमने के बाद सुबह और शाम के समय ठंड का एहसास बढ़ने लगा है। दिन में चटक धूप निकलने से पहाड़ से मैदान तक मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम के इस बदलाव के बीच दिन और रात के तापमान में अंतर देखने को मिल रहा है। तापमान संबंधी आंकड़ों के अनुसार, रविवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम था। इससे साफ है कि दिन में गर्मी और रात में अपेक्षाकृत ठंड का असर बना हुआ है।
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों का औसत तापमान
साप्ताहिक तापमान के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 2000 मीटर की ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में औसत अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर दर्ज किया गया।
मैदानी क्षेत्रों में साप्ताहिक औसत अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम था। औसत न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम रहा। इन आंकड़ों से मैदानी इलाकों में रात के तापमान में गिरावट का संकेत मिलता है।
साप्ताहिक बारिश के आंकड़ों में सामान्य से अधिक वर्षा साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, संबंधित सप्ताह में औसत बारिश 21.6 मिलीमीटर दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 9.8 मिलीमीटर है। इस तरह बारिश सामान्य से 121 प्रतिशत अधिक रही, जिसे आंकड़ों में ‘लार्ज एक्सेस’ यानी सामान्य से काफी अधिक वर्षा की श्रेणी में रखा गया है।
मौसम संबंधी साप्ताहिक आकलन में 16 से 22 अक्टूबर की अवधि के लिए बारिश को सामान्य से काफी कम, जबकि 23 से 29 अक्टूबर की अवधि के लिए सामान्य श्रेणी में रखा गया है। दोनों अवधियों के तापमान संबंधी रुझान सामान्य रहने का अनुमान दिया गया है।
25 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम ?
कुल मिलाकर 19 से 22 अक्टूबर तक उत्तराखंड में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 23 से 25 अक्टूबर के बीच पांच पर्वतीय जिलों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश, गरज-चमक और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मैदानी इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। इस सप्ताह भारी बारिश की संभावना के बजाय पर्वतीय क्षेत्रों में सीमित स्थानों पर मौसम में बदलाव प्रमुख संकेत है।


