उत्तराखंड में गैरसैंण सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, बजट समेत 10 विधेयक पारित………

गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण में बुधवार को सत्र के दूसरे और अंतिम दिन विपक्ष के हंगामे के बीच 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। इसके साथ ही विनियोग विधेयक समेत सभी 10 विधेयक भी पारित हुए। भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी विधायकों ने सदन में जमकर विरोध जताया। नारेबाजी, कागज फेंकने और काले झंडे लहराने के बीच विधायी कार्यवाही पूरी की गई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इसी के साथ दो दिवसीय विधानसभा सत्र संपन्न हो गया।

बुधवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में चर्चा कराने की मांग उठाई। विरोध के दौरान विपक्षी विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए कागज फेंके तथा काले झंडे लहराए। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। इसके बावजूद सरकार ने अनुपूरक बजट और अन्य विधेयकों को पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की। दोपहर 1 बजकर 6 मिनट पर सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया था, जिसे बुधवार को पारित कर दिया गया। इसमें 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व मद और 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत मद के लिए रखे गए हैं। अनुपूरक बजट में विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों के साथ विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है।

बजट में किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए अन्नपूर्णा योजना के तहत 1,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, शहरी निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। राज्य के कर राजस्व में स्थानीय निकायों की हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का भी प्रावधान किया गया है।

हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित दिव्य कुंभ मेले की तैयारियों के लिए करीब 290 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। केंद्र की विशेष सहायता योजना के तहत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए भी अनुपूरक बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया है। अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और सरकारी कर्मचारियों की कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जुड़ी गोल्डन कार्ड योजना के लिए 125 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर के मेडिकल कॉलेजों तथा नर्सिंग कॉलेजों के लिए करीब 160 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विद्यालयी और उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

इसके अलावा बिजली के पारेषण और वितरण तंत्र के लिए 270 करोड़ रुपये, खेल विश्वविद्यालय के लिए 35 करोड़ रुपये तथा जोशीमठ और अन्य क्षेत्रों में भू-धंसाव से संबंधित कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में विभिन्न विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए भी धनराशि रखी गई है।

सत्र के दौरान अनुपूरक बजट से संबंधित विनियोग विधेयक के साथ नौ अन्य विधेयक पारित किए गए। इनमें उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, निवेश एवं आधारिक संरचना विकास और विनियमन संशोधन विधेयक, जन विश्वास उपबंधों का संशोधन द्वितीय विधेयक, अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक, सिविल विधि संशोधन विधेयक, अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक और निजी विश्वविद्यालय द्वितीय संशोधन विधेयक शामिल हैं।

विपक्ष ने सत्र के दौरान भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग उठाई, जबकि सरकार ने बजट और विधायी कार्यवाही को आगे बढ़ाया। हंगामे के बीच अनुपूरक बजट और सभी विधेयकों के पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सदन स्थगित किए जाने के साथ ही भराड़ीसैंण में आयोजित दो दिवसीय सत्र समाप्त हो गया।