उत्तराखंड में मौसम अलर्ट: अगले पांच दिनों तक पहाड़ों में बारिश की संभावना, कई जिलों में अलर्ट, दो जिलों में सूखा………

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 27 जून तक का पूर्वानुमान जारी करते हुए राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिलों में बारिश की संभावना जताई है।

वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आज 22 जून और 23 जून के लिए आठ जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया है।

27 जून तक पहाड़ी जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 22 जून से 27 जून तक उत्तराखंड के 11 पर्वतीय जिलों में कहीं न कहीं बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

आज इन जिलों में होगी हल्की से मध्यम बारिश
सोमवार 22 जून को गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। वहीं कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा देहरादून, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में नहीं होगी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इन जिलों में बारिश की संभावना नहीं है और तापमान सामान्य बना रह सकता है।

23 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
मंगलवार 23 जून को भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। अन्य पर्वतीय जिलों में भी बादलों की गर्जना के साथ हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।

24 जून से 27 जून तक कैसा रहेगा मौसम ?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 24 जून से 27 जून तक राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा। इस दौरान बादलों की गर्जना और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

हालांकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में इस अवधि के दौरान भी मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने जारी की सलाह
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने और मौसम की ताजा अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।