उत्तराखंड में आज फिर चली तबादला एक्सप्रेस, सात जिलों में नए सीएमओ की तैनात………
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सात जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी जिलों में नए सीएमओ की तैनाती की गई है।
उत्तराखंड में विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियां लंबे समय से चर्चा का विषय रही हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और संसाधनों की कमी के कारण कई बार स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और व्यवस्थागत कमियां सामने आती रही हैं। ऐसे में सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
जारी आदेश के अनुसार डॉ. योगेश पुरोहित को अल्मोड़ा, डॉ. रश्मि पंत को नैनीताल, डॉ. हरीश चन्द्र पंत को पिथौरागढ़, डॉ. मेघना असवाल को पौड़ी, डॉ. अमित कुमार शुक्ला को रुद्रप्रयाग, डॉ. राम प्रकाश को टिहरी तथा डॉ. श्याम विजय को उत्तरकाशी जिले का मुख्य चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किया गया है।
स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन नियुक्तियों को अमल में लाया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए अधिकारियों के नेतृत्व में संबंधित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और लोगों को समयबद्ध एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। चिकित्सा संस्थानों में संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
स्वास्थ्य विभाग के इस प्रशासनिक फेरबदल को प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने और जनस्वास्थ्य प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि नए सीएमओ अपने-अपने जिलों में स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, अस्पतालों की निगरानी तथा चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


