उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, उफान पर नदियां………

देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जगह-जगह भूस्खलन के कारण प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों समेत दर्जनों संपर्क मार्ग बंद हो चुके हैं, जिससे कई क्षेत्रों का जिला मुख्यालयों और चीन सीमा से संपर्क टूट गया है।

पिथौरागढ़
जिले में रात से जारी मूसलाधार बारिश के चलते टनकपुर-तवाघाट हाईवे अस्कोट से जौलजीबी के बीच बगड़ीहाट के पास रात से बंद है। इस मार्ग पर एम्बुलेंस सहित दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं, लेकिन अभी तक मलबा हटाने का कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसके कारण धारचूला, बंगापानी और डीडीहाट तहसील के कई क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। जिले भर में 25 मोटर मार्ग बंद हैं और मुनस्यारी में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।

नैनीताल
नैनीताल जिले में रात से लगातार हो रही बारिश से एक दर्जन से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं। नैनीताल झील का जलस्तर बढ़कर 87 फीट के पार पहुंच गया है।

बागेश्वर
बागेश्वर में लगातार बारिश से 21 मार्ग बाधित हैं। जिले में अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम 21°C दर्ज किया गया है। सरयू और गोमती नदियों में भारी मात्रा में सिल्ट (गाद) आने के कारण नलों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है।

ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग
ऋषिकेश-बदरीनाथ एनएच पर कौड़ियाला और व्यासी के बीच पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जबकि एनएच प्रशासन की मशीनें अभी तक मौके पर नहीं पहुंची हैं।

कोटद्वार
कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों में रात से हो रही मूसलधार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। मलबा पत्थर आने से कोटद्वार दुगड्डा के बीच यातायात बाधित हो गया है। क्षेत्र में कई संपर्क मार्ग भी बंद हो गए हैं।

उत्तरकाशी
जिला मुख्यालय सहित सभी तहसील क्षेत्रों में बादल छाए हैं। गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है। दस ग्रामीण मोटरमार्ग भूस्खलन के चलते मलबा व बोल्डर आने से बाधित है। चारधाम यात्रा का तेखला-मनेरा-बड़ेथी बाइपास मार्ग दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया है। जिला मुख्यालय के निकट दिलसौड़ को जोड़ने वाला मनेरा-दिलसौड़ मार्ग भी भूस्खलन के चलते बाधित है।