इसे आप सीमेंट मत समझना, ये है उत्तराखंड की मशहूर और हेल्दी डिश ‘भट्ट के डुबके’, यशस्वी ने बताई सही और आसान रेसिपी………

देहरादून: इन दिनों सोशल मीडिया पर उत्तराखंड की पारंपरिक डिश की बहुत चर्चा हो रही है। अनोखे मटमैले रंग के कारण कुछ लोग इसे मजाक में ‘सीमेंट’ भी कह रहे हैं, हालांकि असलियत में बिल्कुल वैसी नहीं दिखती। यह पहाड़ों की बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद रेसिपी है। कुकिंग इन्फ्लुएंसर यशस्वी सैनी इसकी सही रेसिपी भी बताई है।

उत्तराखंड के पहाड़ों का पारंपरिक खान-पान हमेशा से ही अपनी सादगी और बेहतरीन सेहतमंद गुणों के लिए जाना जाता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर देवभूमि की ऐसी ही एक खास डिश ‘भट्ट के डुबके’ खूब चर्चाओं में है। इस रेसिपी के खास मटमैले यानी हल्के काले-सफेद रंग को देखकर नेटिजन्स इसे मजाकिया अंदाज में ‘सीमेंट’ का नाम दे रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह दिखने में काफी लाजवाब और प्रोटीन से भरपूर होती है।

अगर आप भी इंटरनेट पर वायरल हो रही इस डिश का असली स्वाद चखना चाहते हैं, तो फूड ब्लॉगर यशस्वी सैनी की बताई पारंपरिक रेसिपी आपके बहुत काम आएगी। इसकी मदद से आप बिना किसी गलती के घर पर ही परफेक्ट पहाड़ी स्टाइल ‘भट्ट के डुबके’ बना सकते हैं। जो दिखने में सीमेंट जैसी बिल्कुल भी लगेंगी।

दाल और चावल का दरदरा मिक्सचर तैयार करना
सबसे पहले एक कटोरी ‘भट्ट की दाल’ यानी काले सोयाबीन लें, जिसे रातभर पानी में भिगोकर रखा गया हो। मिक्सर जार में इस भीगी हुई भट्ट की दाल को डालें। इसके साथ ही इसमें दो चम्मच पहले से भीगे हुए कच्चे चावल, 5-6 लहसुन की कलियां, एक छोटा टुकड़ा अदरक, 3-4 हरी मिर्च और पीसने के लिए 3 से 4 चम्मच पानी मिलाएं। अब मिक्सी चलाकर इसे बहुत महीन नहीं, बल्कि थोड़ा दरदरा पीस लें।

लोहे की कड़ाही में तड़का लगाना
पहाड़ी खान-पान में लोहे की कड़ाही का विशेष महत्व है, जो डिश को उसका असली स्वाद और रंग देती है। गैस पर एक लोहे की कड़ाही चढ़ाएं और उसमें 2 चम्मच सरसों का तेल गरम करें। तेल अच्छे से गरम हो जाने पर इसमें एक छोटा चम्मच जीरा डालें। जीरा चटकने के बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज डालें और उसे सुनहरा होने तक अच्छी तरह से भून लें।

बेसिक मसालों का इस्तेमाल
जैसे ही प्याज अच्छे से भून जाए, आंच को धीमा करें। अब कड़ाही में जरा सी हल्दी पाउडर, स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर और एक चम्मच धनिया पाउडर डालें। इन मसालों को प्याज के साथ कुछ सेकंड के लिए चलाएं ताकि मसालों का कच्चापन दूर हो जाए और उनकी अच्छी खुशबू आने लगे।

भट्ट के पेस्ट की भुनाई और पानी मिलाना
अब तैयार किए गए मसालों में मिक्सी में पीसा हुआ भट्ट और चावल का दरदरा पेस्ट डाल दें। मिक्सी के जार में थोड़ा सा पानी डालकर बचा हुआ पेस्ट भी कड़ाही में डाल लें। अब इस पूरे मिश्रण को लगातार चलाते हुए करीब 10 मिनट तक धीमी से मध्यम आंच पर अच्छी तरह भूनना है। जब यह गाढ़ा होकर कड़ाही छोड़ने लगे, तब इसमें लगभग 1 से 1.5 लीटर गरम पानी और स्वादानुसार नमक मिलाएं।

धीमी आंच पर लंबे समय तक पकाना
पानी मिलाने के बाद आंच को बिल्कुल धीमा कर दें। भट्ट के डुबके का असली स्वाद तभी आता है जब इसे धीमी आंच पर उबलने दिया जाए। इसे 30 से 40 मिनट तक आराम से पकने दें और बीच-बीच में चमचे से चलाते रहें। जैसे-जैसे यह पकेगा, लोहे की कढ़ाई की वजह से इसका रंग गहरा होता जाएगा और यह गाढ़ा व मखमली टेक्सचर ले लेगा।

घी और हींग का शाही तड़का
40 मिनट बाद जब डुबके अच्छे से पककर गाढ़े हो जाएं, तो गैस बंद करने से पहले इसका सबसे जरूरी स्टेप आता है शाही तड़का। एक तड़का पैन में 2 चम्मच शुद्ध देसी घी गरम करें। इसमें थोड़ा सा जीरा, हींग और कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालकर तड़का तैयार करें और इसे तुरंत कड़ाही में डाल दें।

ऊपर से बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया डालें। गरमा-गरम, खुशबूदार और सेहतमंद ‘भट्ट के डुबके’ को पारंपरिक पहाड़ी अंदाज में उबले हुए चावल, प्याज के स्लाइस और हरी मिर्च के साथ परोसे सकते हैं।