उत्तराखंड की राजधानी के पैनेसिया अग्निकांड में अस्पताल पर मुकदमा, जांच के घेरे में एंबुलेंस-दलाल नेटवर्क…….

देहरादून: देहरादून की राजधानी में स्थित पैनेसिया अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। अस्पताल के आईसीयू (ICU) में लगी आग में भर्ती 55 वर्षीय महिला वीरवती की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही, अव्यवस्थित इलाज और मरीजों को कथित रूप से फंसाने वाले एंबुलेंस नेटवर्क के आरोप लगाए हैं। मामले में नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बेड न मिलने पर निजी अस्पताल में कराया था भर्ती
जीएमएस रोड, कांवली गांव निवासी सन्नी पाल द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, उनकी मां वीरवती को 19 मई 2026 की सुबह अचानक चक्कर आने के बाद दून अस्पताल ले जाया गया था। वहां बेड खाली न होने की बात कही गई। इसके बाद 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया गया। आरोप है कि 108 कर्मियों ने उन्हें पैनेसिया अस्पताल जाने की सलाह दी।

परिजनों का कहना है कि उन्होंने इंद्रेश अस्पताल और आरोग्यधाम में भी इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन अंततः एंबुलेंस संचालकों की सलाह पर मरीज को पैनेसिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।

10 घंटे में वसूले गए 50 हजार रुपये!
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती के बाद मात्र 10 घंटे के भीतर जांच, दवाइयों और इलाज के नाम पर लगभग 50 हजार रुपये वसूल लिए गए। परिवार का कहना है कि अस्पताल में इलाज की व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी।

20 मई 2026 की सुबह करीब 9 बजे मृतका के बेटे कमल पाल, जो अस्पताल में मौजूद थे, ने परिवार को फोन कर बताया कि आईसीयू में आग लग गई है। कुछ देर बाद सूचना मिली कि वीरवती आग में झुलस गई हैं।

घटना के बाद आनन-फानन में महिला को कैलाश अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल में नहीं थे पर्याप्त फायर सेफ्टी इंतजाम”
परिजनों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि अस्पताल में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और ना ही प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद था। शिकायत में कहा गया है कि अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण ही महिला की मौत हुई।

एंबुलेंस और दलाल नेटवर्क पर भी उठे सवाल
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ एंबुलेंस कर्मी और सरकारी-बड़े अस्पतालों के कर्मचारी मरीजों को कथित रूप से पैनेसिया अस्पताल भेजने के लिए सक्रिय रहते हैं। परिजनों ने पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच और संबंधित लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि मृतका के परिजनों की शिकायत के आधार पर पैनेसिया अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक 20 मई की सुबह करीब 9:30 बजे रिस्पना पुल के पास स्थित पैनेसिया अस्पताल के ICU में AC में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है।