उत्तराखंड में 5 से 9 अक्टूबर तक कई जिलों में येलो अलर्ट, 11 अक्टूबर तक बारिश-बर्फबारी और तेज हवाओं के आसार……….
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद अब पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। 5 से 9 अक्टूबर तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में येलो अलर्ट रहेगा, जबकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 11 अक्टूबर तक बने रहने की संभावना है। इस दौरान पहाड़ से मैदान तक कहीं-कहीं बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार भी हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के ताजा साप्ताहिक पूर्वानुमान के अनुसार 5 अक्टूबर से मौसम में बदलाव शुरू होगा और 6 से 10 अक्टूबर के बीच मौसमी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। 6 से 8 अक्टूबर तक 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं, जबकि 9 और 10 अक्टूबर को बर्फबारी का दायरा 3800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई तक पहुंच सकता है।
5 अक्टूबर: पर्वतीय जिलों में बारिश, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट
5 अक्टूबर को उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं।
येलो अलर्ट वाले जिले: अल्मोड़ा, नैनीताल, चम्पावत, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़।
हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
6 अक्टूबर: बढ़ेंगी मौसमी गतिविधियां, सभी जिलों में बारिश के आसार
6 अक्टूबर से मौसम की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। उत्तराखंड के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और 4200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
येलो अलर्ट वाले जिले: अल्मोड़ा, नैनीताल, चम्पावत, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर।
इन जिलों में कहीं-कहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
7 अक्टूबर: पहाड़ से मैदान तक बारिश और गरज-चमक
7 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं।
येलो अलर्ट वाले जिले: अल्मोड़ा, नैनीताल, चम्पावत, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर।
इन जिलों में कहीं-कहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
8 अक्टूबर: बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी
8 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहेगा। देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और नैनीताल में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
येलो अलर्ट वाले जिले: देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और नैनीताल।
राज्य के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है।
9 अक्टूबर: बारिश के साथ 3800 मीटर से ऊपर बर्फबारी
9 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमक सकती है। 3800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं।
येलो अलर्ट वाले जिले: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़।
इन जिलों में कहीं-कहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
10 अक्टूबर: बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी
10 अक्टूबर को उत्तराखंड के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। 3800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। मौसम में बदलाव का असर पहाड़ी क्षेत्रों के साथ अन्य हिस्सों में भी दिखाई दे सकता है।
11 अक्टूबर: पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश, ऊंचाई पर बर्फबारी
11 अक्टूबर को उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। 3800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
11 अक्टूबर तक बना रहेगा बदले मौसम का असर
उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव का दौर बना रहेगा। 5 से 9 अक्टूबर तक अलग-अलग जिलों में येलो अलर्ट के बीच गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं बारिश और बर्फबारी का असर 11 अक्टूबर तक बने रहने की संभावना है।
6 से 8 अक्टूबर के दौरान 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि 9 और 10 अक्टूबर को 3800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद 11 अक्टूबर को पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार बने रहेंगे।


