उत्तराखंड में रोडवेज कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, बसों के पहिए थमे………..

देहरादून: उत्तराखंड में रोडवेज कर्मचारियों की छह सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर शुक्रवार को प्रदेशभर में दिखाई दिया। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर चालक और परिचालकों ने 30 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कर्मचारियों के आंदोलन के चलते कई मार्गों पर बसों का संचालन प्रभावित हुआ, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली समेत विभिन्न शहरों और कस्बों की ओर जाने वाले यात्री बसों के इंतजार में रोडवेज बस अड्डों पर भटकते नजर आए।

रुड़की रोडवेज बस अड्डे पर भी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। बसों का संचालन प्रभावित होने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर जाने वाले लोग बसों की उपलब्धता को लेकर परेशान दिखाई दिए। अचानक प्रभावित हुई परिवहन व्यवस्था के चलते यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ी।

ऋषिकेश में भी उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन से जुड़े चालक-परिचालकों ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। रोडवेज परिसर में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन और सरकार से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई।

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै ने बताया कि गुरुवार को मांगों को लेकर हुई वार्ता में वेतन, महंगाई भत्ता (डीए) सहित अन्य प्रमुख मुद्दों पर कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियन ने पूर्व में दिए गए अल्टीमेटम के अनुसार 30 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।

उधर, काशीपुर में भी उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर रोडवेज कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया। बसों का संचालन प्रभावित होने से डिपो में यात्रियों की भीड़ लगी रही और लोग अपने गंतव्य तक जाने के लिए बसों का इंतजार करते दिखाई दिए। हड़ताल के कारण स्थानीय और लंबी दूरी के यात्रियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की काशीपुर शाखा के पदाधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर 23 अक्टूबर को भी एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया था। इसके बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया गया है।

शाखा अध्यक्ष उमेश चौधरी और मंत्री जितेंद्र धानिक ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 30,447 रुपये मानदेय निर्धारित करना, प्रत्येक माह सात तारीख से पहले वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना, हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की तर्ज पर राजकीय कोष से वेतन भुगतान की व्यवस्था करना और परिवहन निगम के बेड़े में 500 नई बसें शामिल करना प्रमुख हैं। इसके अलावा अन्य लंबित मांगों के समाधान की भी मांग की जा रही है।

कर्मचारियों का कहना है कि वेतन और अन्य सेवा संबंधी समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो रहा है। इसी के विरोध में प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। वहीं, हड़ताल के चलते प्रभावित हो रही परिवहन व्यवस्था ने आम यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।