आगरा-मथुरा से हरिद्वार-ऋषिकेश अब 4 घंटों में, दिल्ली-जयपुर से भी जाना आसान, एक साथ जुड़ेंगे तीन एक्सप्रेस-वे……..

देहरादून: उत्तर प्रदेश से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वालों के लिए आने वाले समय में सफर आसान हो सकता है. गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने और कई एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने की योजना है। इससे आगरा, मथुरा, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान से हरिद्वार पहुंचने में कम समय लग सकता है। इस सड़क नेटवर्क से पर्यटन के साथ कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वालों के लिए जल्द ही सफर आसान होने वाला है। नए एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे को आपस में जोड़ने की योजना से आगरा, मथुरा, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान से हरिद्वार पहुंचने में कम समय लगेगा। बताया जा रहा है कि आगरा से हरिद्वार का सफर करीब 7-8 घंटे से घटकर 4 घंटे और जयपुर से हरिद्वार पहुंचने में लगने वाला समय 10-11 घंटे से कम होकर करीब 6 घंटे रह जाएगा।

इस योजना की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ एक एक्सप्रेसवे नहीं, बल्कि कई सड़कों को जोड़कर एक बड़ा नेटवर्क तैयार करने की बात है। इससे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के बीच सड़क से आना-जाना आसान हो सकता है। इसका फायदा पर्यटकों के साथ-साथ कारोबार और सामान की आवाजाही को भी मिल सकता है।

तीन एक्सप्रेसवे मिलकर बनाएंगे नया रास्ता
इस नेटवर्क में गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले रास्तों की अहम भूमिका होगी। योजना के तहत गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से आगे हरिद्वार तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके लिए करीब 146 किलोमीटर लंबे विस्तार की बात सामने आई है। यह रास्ता तैयार होने पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार जाने वालों को एक नया विकल्प मिल सकता है।

आगरा-मथुरा की ओए से आने जाने वालों को भी होगा आराम
दूसरी अहम कड़ी जेवर एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित करीब 74.5 किलोमीटर लंबा गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे है। इसके जरिए यमुना एक्सप्रेसवे को बुलंदशहर के इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इससे आगरा और मथुरा की ओर से आने वाले वाहन यमुना एक्सप्रेसवे से इस लिंक तक पहुंच सकेंगे और फिर गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए हरिद्वार की तरफ जा सकेंगे। यह लिंक अभी प्रस्तावित है, इसलिए इसके तैयार होने के बाद ही इसका पूरा फायदा मिलेगा।

तीसरी कड़ी यमुना एक्सप्रेसवे को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला रास्ता है। इससे राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों को भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए हरिद्वार जाने का रास्ता मिल सकता है। अलग-अलग सड़क परियोजनाओं के जुड़ने से यात्रियों को लंबे सफर में कई विकल्प मिलेंगे।

आगरा, मथुरा और जयपुर के लोगों को क्या फायदा?
आगरा और मथुरा से हरिद्वार जाने वाले लोगों को नए लिंक के जरिए गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का विकल्प मिल सकता है। वहीं जयपुर से आने वाले लोगों को दिल्ली-एनसीआर और दूसरे एक्सप्रेसवे से जुड़ने का फायदा हो सकता है। इससे धार्मिक यात्रा, छुट्टियां बिताने और पर्यटन के लिए आने-जाने में आसानी होने की उम्मीद है।

लखनऊ से हरिद्वार के लिए नया एक्सप्रेस-वे नहीं बनाया जाएगा
लखनऊ से हरिद्वार जाने वालों को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा पहुंचकर आगे यमुना एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित लिंक का रास्ता लेना पड़ सकता है। यानी लखनऊ से हरिद्वार तक सीधे एक नया एक्सप्रेसवे नहीं बनेगा, बल्कि कई सड़कों को जोड़कर सफर पूरा करने का विकल्प तैयार होगा।

कारोबार और पर्यटन को भी मिलेगा फायदा
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले पर्यटकों को फायदा मिल सकता है। इसके अलावा राज्यों के बीच सामान पहुंचाने में लगने वाला समय घट सकता है। एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों में होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट और दूसरे कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।