उत्तराखंड के हरिद्वार में पारिवारिक कलह से 3 मासूम बच्चों संग गंगा में कूदने पहुंचा पिता, पुलिस की सतर्कता से बची व्यक्ति सहित 3 मासूम जान………..

​हरिद्वार: ज्वालापुर क्षेत्र स्थित प्रेमनगर आश्रम घाट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पिता पारिवारिक कलह के चलते अपने तीन मासूम बच्चों के साथ गंगा में छलांग लगाने पहुंच गया। गनीमत रही कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी ने अदम्य साहस और तत्परता दिखाते हुए समय रहते व्यक्ति को दबोच लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और चार अनमोल जानें बच गईं।

​पुल की रेलिंग से लटकाया बच्चा, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रानीपुर के टिबड़ी निवासी तरुण (पुत्र छोटेलाल) अपने तीन छोटे बच्चों को लेकर प्रेमनगर आश्रम घाट पुल पर पहुंचा था। आवेश में आकर उसने अपने एक बच्चे को रेलिंग से नीचे गंगा की तेज धारा की ओर लटका दिया और खुद भी बच्चों समेत कूदने की तैयारी करने लगा। पुल पर इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मंजर को देखकर राहगीरों में चीख-पुकार मच गई।

​देवदूत बनकर पहुंचे आशीष शर्मा
घाट क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी आशीष शर्मा ने स्थिति की गंभीरता को तत्काल भांप लिया। उन्होंने बिना एक पल गंवाए दौड़ लगाई और जान जोखिम में डालकर तरुण को पीछे से कसकर पकड़ लिया। सिपाही ने फुर्ती से बच्चे को रेलिंग के अंदर सुरक्षित खींचा और अन्य दोनों बच्चों को भी फौरन अपनी सुरक्षा में ले लिया। पुलिसकर्मी की इस जांबाजी को देख मौके पर मौजूद नागरिकों ने राहत की सांस ली।

​डेढ़ माह से अलग रह रही थी संगीता
पूछताछ में तरुण ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते उसकी पत्नी संगीता पिछले करीब डेढ़ महीने से बच्चों को छोड़कर मायके में अलग रह रही है। उसने कई बार अपनी पत्नी से वापस घर लौटने की गुहार लगाई, लेकिन हर बार इनकार मिलने से वह गहरे मानसिक तनाव में आ गया। इसी क्षोभ व अवसाद के चलते उसने बच्चों सहित आत्मघाती कदम उठाने का मन बनाया था।

घटना की जानकारी मिलते ही रानीपुर कोतवाली से चेतक पुलिस बल मौके पर पहुंचा और व्यक्ति व बच्चों को सुरक्षित कोतवाली ले आया। पुलिस ने दोनों पक्षों के परिजनो को काउंसलिंग कर आपसी बातचीत के बाद मामला शांत कराया।