उत्तराखंड हाई कोर्ट शिफ्टिंग: 30 हेक्टेयर जमीन के लिए PWD ने किया आवेदन, ये दो जगह बनीं पहली पसंद……….
हल्द्वानी: हाई कोर्ट के नए भवन के निर्माण से जुड़ी वनभूमि के हस्तांतरण के लिए लोनिवि की हल्द्वानी डिवीजन ने विधिवत आवेदन कर दिया है। परिवेश पोर्टल के माध्यम से आवेदन नोडल अधिकारी (स्टेट) के पास पहुंच चुका है। आवेदन के अध्ययन के बाद डिवीजन को निर्देश जारी होंगे। नोडल स्तर से वनभूमि के मामले में कोई सुझाव भी दिए जा सकते हैं।
हाई कोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने के लिए बेलबाबा के पास तराई केंद्रीय वन प्रभाग की भाखड़ा रेंज से जुड़ी 30 हेक्टेयर जमीन को चुना गया है। लेकिन वनभूमि होने के कारण हस्तांतरण की प्रक्रिया केंद्रीय वन मंत्रालय के स्तर से ही पूरी होगी। हाई कोर्ट के नए परिसर में भूमिगत और अलग-अलग ब्लाक में पार्किंग, सभागार, आनलाइन डेटा सेंटर, सड़क, सुरक्षा दीवार व अन्य सुविधाओं को शामिल किया गया है।
वहीं, जमीन पाने के लिए आवेदन तभी होता। जब पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति को जमीन ढूंढी जाती। लोनिवि और प्रशासन के संयुक्त निरीक्षण के बाद बेतालघाट में राजस्व के स्वामित्व से जुड़ी खाली जमीन को पौधारोपण के लिए बेहतर माना गया। जिसके बाद लोनिवि के स्तर से लैंड ट्रांसफर के आनलाइन आवेदन की तैयारी शुरू की गई।
वनभूमि हस्तांतरण संग पर्यावरणीय और वन्यजीव संबंधी स्वीकृतियों के लिए भारत सरकार ने परिवेश पोर्टल लांच किया है। यह एक तरह का सिंगल विंडो सिस्टम है। 30 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण के लिए तीन सितंबर को लोनिवि ने आवेदन भी कर दिया।
बेलबाबा से बेतालघाट तक की फोटो अपलोड
शासन को हाई कोर्ट भवन के निर्माण के लिए बेलबाबा में वनभूमि चाहिए। जबकि पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई को बेतालघाट में जमीन चिन्हित की गई है। आनलाइन आवेदन में इन जगहों की फोटो को अपलोड किया गया है। इसके अलावा भूमि संबंधी आवश्यक विवरण भी दर्ज किया गया है।
वनभूमि ट्रांसफर के लिए परिवेश पोर्टल पर आवेदन कर दिया है। जो कि नोडल अधिकारी के पास पहुंच चुका है। नोडल से प्रस्ताव डिवीजन के पास पहुंचेगा। जो भी सुझाव होंगे। उन पर अमल करना होगा। – प्रत्यूष कुमार, ईई लोनिवि


