उत्तराखंड के चार जिलों में परिवहन फिटनेस परीक्षण की सुविधा बहाल, जून 2027 तक मिली अनुमति……..

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के चार जिलों में परिवहन वाहनों के फिटनेस परीक्षण और फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा फिर से बहाल कर दी गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर परिवहन विभाग की इस सुविधा को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की अनुमति दी है। यह अनुमति 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के परिवहन अनुभाग के अवर सचिव परवीन कुमार ने बताया कि उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में परिवहन वाहनों के मैनुअल फिटनेस परीक्षण तथा फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा पुन: बहाल की गई है। फिटनेस सुविधा बहाल होने से इन जिलों के वाहन स्वामियों को फिलहाल राहत मिलेगी।

विशेषकर व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दूसरे जिलों में जाने की परेशानी कम होगी। लंबे समय से इस व्यवस्था को लेकर वाहन संचालकों में असुविधा बनी हुई थी। पहाड़ी जनपदों के इन चालकों को हल्द्वानी, हरिद्वार जाना पड़ रहा था।

केंद्रीय मंत्रालय ने हालांकि राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 30 जून 2027 की निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इस अवधि के दौरान स्वचालित वाहन फिटनेस परीक्षण व्यवस्था की ओर सुगम संक्रमण के लिए आवश्यक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) स्थापित करने की प्रक्रिया तेज की जाए।

मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों को समयसीमा के भीतर नई व्यवस्था विकसित करने और मैनुअल से स्वचालित फिटनेस परीक्षण प्रणाली की ओर संक्रमण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

वाहन स्वामियों व चालकों की समस्या का समाधान कर दिया गया है। अब उन्हें फिटनेस के लिए दूसरे जिलों में नहीं भटकना पड़ेगा। परिवहन विभाग को जल्द ही एटीएस स्थापित किए जाने के निर्देश दिए हैं। -अजय टम्टा, राज्य मंत्री, केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय।