उत्तराखंड में रिश्वत मामले पर सरकारी कर्मचारी को हाईकोर्ट से जमानत, न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ का बड़ा फैसला………
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने पांच हजार रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार सरकारी कर्मचारी संजय कुमार को यह कहते हुए जमानत दे दी कि उससे किसी प्रकार की धनराशि वसूल नहीं हुई है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार सरकारी कर्मचारी संजय कुमार को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी संजय कुमार ने हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दायर कर उसे जमानत पर रिहा करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि उस पर पांच हजार की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है जबकि किसी प्रकार की धनराशि उसे वसूल नहीं हुई है।
याचिका में कहा कि वह 27 फरवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में है, उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है तथा अब उससे किसी प्रकार की हिरासत में पूछताछ आवश्यक नहीं है। जमानत प्रार्थना पत्र में कहा कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह जांच व मुकदमे में पूरा सहयोग करेगा।
वहीं सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध गंभीर प्रकृति का है और जांच में एकत्र सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपी की संलिप्तता दर्शाती है। हालांकि सीबीआई ने स्वीकार किया कि आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और आगे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आरोपी जमानत का पात्र है। अदालत ने याचिकाकर्ता संजय कुमार को व्यक्तिगत बंधपत्र तथा समान राशि के दो विश्वसनीय जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।


