उत्तराखंड के सितारगंज तहसील में विजिलेंस कार्रवाई पर हंगामा। 14 हजार रिश्वत मामले में गिरफ्तार दो राजस्व कर्मी रिहा………….
सितारगंज: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले की सितारगंज तहसील में विजिलेंस की कार्रवाई के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। 14 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो राजस्व कर्मियों की गिरफ्तारी के विरोध में कर्मचारियों ने तहसील के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि विजिलेंस टीम पूरी रात तहसील परिसर के अंदर ही फंसी रही । करीब 20 घंटे तक चले गतिरोध और कई दौर की वार्ता के बाद मामला शांत हुआ। प्रशासन, कर्मचारी संगठनों और उच्चाधिकारियों के बीच सहमति बनने पर आंदोलन समाप्त कर दिया गया और गिरफ्तार किए गए दोनों कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को विजिलेंस टीम ने सितारगंज तहसील परिसर में छापेमारी करते हुए एक वरिष्ठ सहायक और एक संग्रह अमीन को 14 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि यह रकम राजस्व संबंधी कार्य कराने के बदले मांगी गई थी।
गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही तहसील के राजस्व कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और उन्होंने विजिलेंस की कार्रवाई को एकतरफा और विभागीय प्रक्रियाओं की अनदेखी करने वाली कार्रवाई बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
तहसील के मुख्य गेट पर जड़ा ताला
विरोध कर रहे कर्मचारियों ने तत्काल प्रभाव से कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी और तहसील कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया। इससे तहसील परिसर में मौजूद विजिलेंस टीम बाहर नहीं निकल सकी और उसे रातभर अंदर ही रुकना पड़ा।
इस घटना ने पूरे जिले में प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी और मामला देर रात तक चर्चा का विषय बना रहा।
धरना और तालाबंदी के कारण सितारगंज तहसील का पूरा कामकाज प्रभावित हो गया। नामांतरण, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल और भूमि अभिलेखों से जुड़े सभी राजस्व कार्य बंद रहे।
दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा। आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और तहसील परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बनी रही।
उच्चाधिकारियों से कई दौर की वार्ता
गतिरोध समाप्त कराने के लिए देर रात से लेकर गुरुवार तक प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच लगातार वार्ता हुई। कर्मचारी संगठनों ने मांग की कि विजिलेंस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो और विभागीय प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए।
कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और कर्मचारियों ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी।
वार्ता के बाद विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार किए गए दोनों राजस्व कर्मियों को रिहा कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त किया और तहसील कार्यालय के मुख्य गेट पर लगाया गया ताला खोल दिया।
सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में लौटे और नियमित कामकाज दोबारा शुरू कर दिया गया।
20 घंटे बाद सामान्य हुई व्यवस्था।
करीब 20 घंटे तक ठप रहे तहसील कार्यालय में कामकाज शुरू होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। लंबित प्रमाण पत्रों और भूमि संबंधी कार्यों को निपटाने की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई है।
हालांकि कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनकी मांगों की अनदेखी की गई या कर्मचारियों के हितों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई, तो वे दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे।
उत्तराखंड में सुर्खियों में रही विजिलेंस कार्रवाई।
सितारगंज तहसील की यह घटना उत्तराखंड में विजिलेंस कार्रवाई, राजस्व विभाग और कर्मचारी संगठनों के टकराव का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। एक ओर रिश्वतखोरी के आरोपों पर कार्रवाई हुई, तो दूसरी ओर कर्मचारियों के विरोध के कारण पूरी तहसील व्यवस्था प्रभावित हो गई।
फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर सामान्य कामकाज बहाल कर दिया है, लेकिन यह मामला आने वाले दिनों में भी चर्चा और जांच का विषय बना रह सकता है।


