जंतर-मंतर पर उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में पहुंचा जवान, बोला— “क्या करूँगा ऐसी नौकरी का, जब देश ही नहीं बचेगा”……….

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहनकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति खुद को उत्तराखंड पुलिस से जुड़ा बताते हुए बयान देता नजर आ रहा है।

सूत्रों के अनुसार,मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति शेर सिंह है, जो उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात रह चुका है। सूत्रों के मुताबिक उसे वर्ष 2025 में निलंबित कर दिया गया था। अब यह जांच की जा रही है कि उसकी वर्तमान सेवा स्थिति क्या है और यदि वह निलंबित है, तो उसने सरकारी वर्दी पहनकर सार्वजनिक धरना-प्रदर्शन में कैसे भाग लिया।

वायरल वीडियो बयान
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शेर सिंह उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में नजर आ रहा है। वीडियो में वह कहता सुनाई दे रहा है कि, “जब देश ही नहीं बचेगा तो इस नौकरी का क्या करूंगा? उत्तराखंड पुलिस की नौकरी छोड़कर कॉकरोचों की रक्षा करने आया हूं।”

उसके इस बयान और पुलिस की वर्दी में सार्वजनिक मंच पर मौजूदगी ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसकी सत्यता और परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन में हुआ शामिल
जानकारी के अनुसार, शेर सिंह दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन में उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहनकर शामिल हुआ। सरकारी वर्दी में किसी प्रदर्शन में शामिल होने का मामला पुलिस नियमावली के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, शेर सिंह की तैनाती पहले पिथौरागढ़ जिले में रही थी। वर्ष 2025 में उसके निलंबित होने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि निलंबन के दौरान उसके पास सरकारी वर्दी कैसे रही और क्या उसने नियमों का उल्लंघन किया है।

संबंधित पुलिस इकाइयों से रिपोर्ट मांगी गई है और शेर सिंह की वर्तमान सेवा स्थिति, निलंबन की स्थिति तथा वर्दी पहनकर सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद उत्तराखंड पुलिस अधिनियम और विभागीय नियमों के तहत जो भी कार्रवाई बनती होगी, वह नियमानुसार की जाएगी।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस मुख्यालय पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति किस स्थिति में पुलिस की वर्दी पहनकर धरने में शामिल हुआ और उसके खिलाफ कौन-कौन सी विभागीय अथवा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।