उत्तराखंड में 30 जजों की क्षमता वाला बन सकता है उत्तराखंड का नया हाईकोर्ट, कौन से 5 बड़े लाभ……….
हल्द्वानी: उत्तराखंड हाई कोर्ट का नया परिसर हल्द्वानी में बनने जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह 30 जजों की क्षमता वाला होगा। इस नए न्यायिक परिसर बनने से हल्द्वानी को पांच बड़े लाभ होंगे। नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी स्थानांतरित करने की कवायद ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शासन और जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। नई योजना के तहत हाईकोर्ट परिसर को वर्तमान 11 जजों की जरूरत तक सीमित रखने के बजाय 30 जजों की क्षमता और अगले 50 वर्षों की न्यायिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित करने की तैयारी है।
नैनीताल जिला प्रशासन ने 14 मई 2026 को शासन को भेजे प्रस्ताव में तराई पूर्वी वन प्रभाग के भाखड़ा रेंज, लामाचौड़ ब्लॉक स्थित बेलबाबा मंदिर के पास कुल 73 हेक्टेयर वन भूमि में से 40 हेक्टेयर क्षेत्र को सबसे उपयुक्त बताया था। यह स्थल राज्य मार्ग-5 से सीधे जुड़ा होने के कारण पहुंच और आधारभूत सुविधाओं की दृष्टि से बेहतर माना गया है।
दरअसल, वर्ष 2024 में गौलापार में 20.8 हेक्टेयर भूमि पर 17 जजों की क्षमता वाला हाईकोर्ट परिसर प्रस्तावित किया गया था।
शिफ्टिंग को लेकर आज दून में अहम बैठक
सोमवार को देहरादून में मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में इस प्रस्ताव पर आगे की रणनीति तय होने की संभावना है। हालांकि, सवाल यह भी है कि वर्षों तक फाइलों में उलझी रही यह महत्वाकांक्षी योजना अब जमीन पर कितनी तेजी से उतरती है। कुमाऊं के लोग लंबे समय से इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं और अब नजरें शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
आनंद बर्द्धन, मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन का कहना है कि नैनीताल हाईकोर्ट को स्थानांतरित करने संबंधी प्रस्ताव न्याय विभाग की ओर से प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा। कार्यवाही गतिमान है। शीघ्र ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।
अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी-
● 30 जजों तक विस्तार योग्य कोर्ट भवन
● अत्याधुनिक ई-कोर्ट और डिजिटल रिकॉर्ड सेंटर
● हजारों अधिवक्ताओं के लिए चैंबर व बार भवन
● मल्टीलेवल पार्किंग और कॉन्फ्रेंस हॉल
● जजों, अधिकारियों और कर्मचारियों के आवास
● मेडिएशन सेंटर, लीगल एड सेंटर, बैंक, डाकघर, कैंटीन
● हाई सिक्योरिटी कंट्रोल रूम और चौड़ी आंतरिक सड़कें
● न्यायिक और प्रशासनिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा पूरा क्षेत्र।
● होटल, रेस्टोरेंट, किराये के मकान और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा।
● सड़क, बिजली, पानी और सार्वजनिक परिवहन का तेजी से विस्तार होगा।
● हजारों वकीलों, कर्मचारियों और वादकारियों की आवाजाही से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
● कुमाऊं के लोगों को आधुनिक न्यायिक सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होंगी।


