उत्तराखंड में फेसबुक पर की टिकट की टिकटिक तो नपेंगे नेताजी, महेंद्र भट्ट की दो टूक………

देहरादून: आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने टिकट की दावेदारी को लेकर बड़ा संदेश दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट कहा है कि पार्टी में टिकट का आधार केवल योग्यता, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा है।

उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि टिकट की दावेदारी के लिए सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों का इस्तेमाल अनुशासनहीनता माना जाएगा।

योग्य और समर्पित कार्यकर्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता
महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा में हमेशा उन कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाती है, जिन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए समर्पित होकर काम किया है।

उन्होंने कहा कि टिकट वितरण का फैसला तय संगठनात्मक प्रक्रिया और केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में मेरिट के आधार पर किया जाता है।

सोशल मीडिया पर दावेदारी जताने वालों को चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हाल के दिनों में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर अपनी दावेदारी जताने की खबरें सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से राज्य और केंद्रीय नेतृत्व दोनों नाराज़ हैं और यह पार्टी की अनुशासन व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।

संगठन में तय है दावेदारी की प्रक्रिया
महेंद्र भट्ट ने कहा कि चुनाव लड़ने की इच्छा रखना हर कार्यकर्ता का अधिकार है, लेकिन उसके लिए पार्टी में एक निर्धारित प्रक्रिया और मंच मौजूद है।

यदि किसी कार्यकर्ता की कोई दावेदारी, सुझाव या इच्छा है तो उसे सार्वजनिक मंचों के बजाय संगठन के समक्ष उचित समय पर आंतरिक रूप से रखा जाना चाहिए।

‘राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति अंतिम’ हमारी पहचान
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है, जिसकी सफलता का मूल मंत्र “राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति अंतिम” है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर उठकर संगठन की मर्यादा और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।

महेंद्र भट्ट ने साफ कहा कि पार्टी अनुशासन के विरुद्ध जाने वाले किसी भी नेता या कार्यकर्ता के खिलाफ संगठन सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं की प्राथमिकता व्यक्तिगत प्रचार नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करना होना चाहिए।

भाजपा का स्पष्ट संदेश
भाजपा नेतृत्व ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि विधानसभा टिकट को लेकर कोई भी निर्णय संगठनात्मक प्रक्रिया, कार्यकर्ता के प्रदर्शन, समर्पण और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के आधार पर ही लिया जाएगा।