आज फिर पेट्रोल और डीजल हुआ महंगा, 10 दिन में तीसरा झटका…….
दिल्ली: देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। मई महीने में यह तीसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पहले भी बढ़ चुके हैं दाम
इससे पहले इसी सप्ताह पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं कुछ दिन पहले दोनों ईंधनों के दाम में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ था। लगातार हो रही बढ़ोतरी से परिवहन खर्च बढ़ने और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में महंगाई आने की संभावना है।
समाचार एजेंसी पीटीआई और रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नई कीमतें लागू होने के बाद देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम इस प्रकार हैं:-
महानगर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
दिल्ली 99.51 (+0.87) 92.49 (+0.91)
कोलकाता 110.64 (+0.94) 97.02 (+0.95)
मुंबई 108.49 (+0.90) 95.02 (+0.94)
चेन्नई 105.31 (+0.82) 96.98 (+0.87)
रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचे दाम
नई बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है।
सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के मुताबिक कंपनियां हर महीने करीब 1000 करोड़ रुपये तक का भार सहन कर रही थीं। इसी वजह से अब अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार घरेलू कीमतों में बदलाव किया जा रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। उस दौरान उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ईंधन की दैनिक मूल्य संशोधन प्रक्रिया को रोक दिया गया था।
हालांकि अब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। भारत का क्रूड ऑयल बास्केट फरवरी में करीब 69 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब बढ़कर 113-114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है।


