उत्तराखंड में यहाँ कृषि भूमि पर कमर्शियल निर्माण पर बड़ा प्रहार, 0.220 हेक्टेयर जमीन सरकार के अधीन……..

हल्द्वानी: नैनीताल जनपद में कृषि प्रयोजन के लिए आवंटित पट्टे की जमीन पर व्यावसायिक निर्माण का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पट्टे की शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर 0.220 हेक्टेयर भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध कमर्शियल उपयोग के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।

जिलाधिकारी की अदालत ने जांच के आधार पर यह निर्णय सुनाया। संबंधित भूमि सूर्या गांव, पट्टी चोपड़ा क्षेत्र में स्थित है, जिसे गोपाल सिंह, केशर सिंह और उदुली देवी को श्रेणी–5 एवं श्रेणी–7(क) के अंतर्गत कृषि कार्य के उद्देश्य से पट्टे पर प्रदान किया गया था।

जांच में पाया गया कि भूमि का उपयोग कृषि गतिविधियों के स्थान पर विकास किरोला के पक्ष में लीज पर देकर किया जा रहा था। मौके पर होटल/रिसोर्ट का निर्माण कर इसे पूर्णतः व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा था। राजस्व अभिलेखों की समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण के बाद अनियमितताओं की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर भूमि को राज्य सरकार के अधीन करने का आदेश पारित किया गया।

साथ ही परगना अधिकारी, नैनीताल को निर्देशित किया गया है कि नियमानुसार भूमि का कब्जा लेकर शीघ्र विस्तृत आख्या प्रस्तुत करें।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी प्रशासन ने इसी प्रकार की कार्रवाई करते हुए कुंडा से विधायक उर्फ राजा भैया की पत्नी के नाम दर्ज बेतालघाट ब्लॉक के सिल्टोना गांव स्थित 0.555 हेक्टेयर कृषि भूमि को सरकार में निहित किया था। अधिकारियों के अनुसार उक्त भूमि कृषि प्रयोजन के लिए ली गई थी, लेकिन वर्षों से वहां कृषि गतिविधियां नहीं हो रही थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया था।

जिला प्रशासन की ताजा कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि कृषि भूमि के व्यावसायिक दुरुपयोग पर सख्ती जारी रहेगी।