
उत्तराखंड में सरयू व सौंग नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंचा, हो रही निगरानी……
जोशीमठ: जोशीमठ में अलकनंदा नदी का जलस्तर घटकर 1376.68 मीटर में पहुंच गया है। धारचूला में भी काली नदी का का जलस्तर कम हो रहा है, पर यहां भी नदी का जलस्तर 889.90 मीटर पहुंचा है, यहां पर खतरे का स्तर 890 मीटर है।
राज्य में बारिश के चलते कुछ नदियों का जलस्तर गढ़ गया है और कई नदियों का स्थिर बना हुआ है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण केंद्र के अनुसार तीन बजे तक पिथौरागढ़ जिले के चमगाढ़ में सरयू नदी का जल्स्तरर 448.20 मीटर पर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से 4.8 कम है। वहीं सत्यनारायण में सौंग नदी का जलस्तर 337.07 मीटर पर पहुंच गया, यहां पर खतरे का स्तर 338.20 मीटर है।
जोशीमठ में अलकनंदा नदी का जलस्तर घटकर 1376.68 मीटर में पहुंच गया है। धारचूला में भी काली नदी का का जलस्तर कम हो रहा है, पर यहां भी नदी का जलस्तर 889.90 मीटर पहुंचा है, यहां पर खतरे का स्तर 890 मीटर है। पिथौरागढ़ जौलजीबी में गोरी नदी का जलस्तर कम हो रहा है और 604.55 मीटर पर पहुंचा है। माया कुंड ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर भी कम हो रहा है, यहां नदी का स्तर 338.44 मीटर है, जो खतरे के निशान से 2.06 कम है।
चौखुटिया में रामगंगा, नौ गांव में यमुना, पिथौरागढ़़ के मदकोट में गोरी नदी, त्यूनी में यमुना, बागेश्वर में गोमती, बागेश्वर व कपकोट में सरयू का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। वहीं, शारदा बैराज का जलस्तर 218.60 मीटर पर पहुंच गया। यहां पर खतरे का जलस्तर 222.60 मीटर है।