उत्तराखंड के पहाड़ों के बीच बसी ये झीलें, पानी इतना मीठा कि शहद भी लगे फीका, स्वर्ग जैसा नजारा…….
देहरादून: भारत प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर देश है, जहां पहाड़, नदियां, जंगल और झीलें प्रकृति की अद्भुत मिश्रण है। देश में कई सुंदर झीलें मौजूद हैं, लेकिन क्या आप जानते है इन जिलों में मीठे पानी की झीलें सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। आइये जानते है उत्तराखंड में कहां मौजूद है।
झीलों का शहर है उत्तराखंड ?
उत्तराखंड को झीलों की धरती भी कहा जाता है। नैनीताल की चहल-पहल भरी नैनी झील से लेकर भीमताल के शांत वातावरण और देवरिया ताल की निर्मल सुंदरता तक हर झील एक अलग अनुभव देती है. खासकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इन झीलों का दृश्य बेहद मनमोहक हो जाता है, जब पहाड़ियों का प्रतिबिंब पानी में किसी खूबसूरत चित्र की तरह दिखाई देता है।
जानें उत्तराखंड में झीलों की संख्या ?
उत्तराखंड में लगभग 62 झीलें मौजूद हैं। यहां की झीलें केवल दर्शनीय स्थल ही नहीं बल्कि शांत और सुकून भरे विश्राम स्थल भी हैं. पर्यटक यहां नौका विहार, झील किनारे सैर, पक्षी अवलोकन और फोटोग्राफी का आनंद लेते हैं। यहां पर मीठा झील भी मौजूद है. ये झीलें न केवल पीने के पानी का प्रमुख स्रोत हैं, बल्कि मछली पालन, जैव विविधता और पर्यटन के लिहाज से भी बेहद अहम भूमिका निभाती हैं।

उत्तराखंड में कहां है मीठा झील ?
उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित यह झील किडनी के आकार की है और चारों ओर से पहाड़ियों से घिरी हुई है। यह पर्यटकों के लिए बोटिंग और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने की पसंदीदा जगह है. जिसका नाम है भीमताल झील और नैनी झील से बड़ी इस झील के बीच में एक छोटा द्वीप है। यहां मछली पालन और बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
भारत की प्रमुख मीठे पानी की झीलें
भारत में और भी कई झील मौजूद है जैसे, वुलर झील (जम्मू-कश्मीर),लोकटक झील (मणिपुर),डल झील (जम्मू-कश्मीर),कोल्लेरु झील (आंध्र प्रदेश)अपर लेक या भोजताल (मध्य प्रदेश),लोअर लेक (मध्य प्रदेश),हुसैन सागर झील (तेलंगाना)पुकोड झील (केरल) आदि।

भारत की मीठी क्यों है आकर्षित
भारत की ये मीठे पानी की झीलें प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये झीलें न केवल पर्यटकों को आकर्षित करती हैं बल्कि लाखों लोगों की आजीविका और पर्यावरण संतुलन को भी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।
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