उत्तराखंड के कोटद्वार में प्रदर्शन की चेतावनी से हलचल, पुलिस का सख्त पहरा—बाहरी एंट्री पर ब्रेक……….

कोटद्वार: उत्तराखंड के कोटद्वार में बाबा दुकान विवाद को लेकर हालात अभी शांत नहीं हुए हैं। 12 फरवरी को हिंदू रक्षक दल द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन की चेतावनी के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं और बाहरी संगठनों से जुड़े लोगों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगा दी गई है।

हिंदू रक्षक दल के अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी ने एक वीडियो संदेश जारी कर घोषणा की थी कि 12 फरवरी को दोपहर तीन बजे संगठन के कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंचेंगे और दीपक के जिम के बाहर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने दीपक पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और हिंदू समाज के उत्पीड़न के आरोप लगाए थे तथा कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही थी।

इस बयान के बाद पौड़ी जिले का पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। संभावित तनाव को देखते हुए कोटद्वार शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। उत्तराखंड की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा की पुलिस को भी सतर्क किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की भीड़ या टकराव की स्थिति को पहले ही रोका जा सके।

इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी को गाजियाबाद स्थित उनके आवास पर ही रोक दिया। पिंकी चौधरी ने स्वयं एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्हें उत्तराखंड पुलिस के निर्देश पर घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सहयोगी फिर भी कोटद्वार पहुंचेंगे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भड़काऊ सामग्री साझा करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार के उकसावे से दूर रहें।

फिलहाल पुलिस की सक्रियता के कारण कोटद्वार में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे।