उत्तराखंड की राजधानी में लापरवाही पर डीएम का सख्त एक्शन, पिटकुल की रोड कटिंग पर रोक, एक्शन और ठेकेदार पर मुकदमा……..

देहरादून: राजधानी में रोड कटिंग कार्य में नियमों की अनदेखी पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) को दी गई रोड कटिंग की अनुमति निरस्त कर दी गई है और कार्य पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही संबंधित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पिटकुल की ओर से 135 केवी आराघर सब-स्टेशन से निर्माणाधीन 132 केवी माजरा–लालतप्पड़ एलआईएलओ लाइन को अंडरग्राउंड करने के लिए रोड कटिंग की अनुमति मांगी गई थी। यह प्रस्ताव 19 दिसंबर 2025 को परियोजना समन्वय समिति की बैठक में रखा गया था। इसके बाद 1 जनवरी 2026 के पत्र के माध्यम से 16 जनवरी से 15 फरवरी तक रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सशर्त अनुमति दी गई थी।

शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन की क्विक रिस्पॉन्स टीम ने आईएसबीटी क्रॉसिंग और सहारनपुर रोड माजरा क्षेत्र में निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि संबंधित एजेंसी अनुमति की शर्तों का उल्लंघन कर रही थी, जिससे आम जनता को भारी असुविधा, यातायात बाधा और सुरक्षा संबंधी जोखिम उत्पन्न हो रहे थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अग्रिम आदेशों तक सभी संबंधित स्थलों पर रोड कटिंग कार्य पूर्ण रूप से रोक दिया है और अनुमति निरस्त कर दी गई है। साथ ही पिटकुल को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित सड़कों पर तत्काल भरान कर रिस्टोरेशन कार्य पूरा किया जाए।

एलआईसी बिल्डिंग के पास विद्युत केबल अंडरग्राउंड कार्य के दौरान लोगों के बार-बार घायल होने की घटनाओं को भी संज्ञान में लिया गया है। इसी क्रम में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज किया गया है तथा मौके पर मौजूद मशीनरी जब्त कर ली गई है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि शहर की सड़कों, यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।