उत्तराखंड के भराड़ीसैंण सत्र में गरमाया सदन, प्रीतम सिंह ने मंत्री को घेरा……
देहरादून: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में चल रहे बजट सत्र 2026 का मंगलवार, 10 मार्च को दूसरा दिन कई अहम मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जो पिछले बजट से 10.41 प्रतिशत अधिक है।
सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने अलग-अलग विषयों पर सरकार से जवाब मांगे। विधानसभा अध्यक्ष को दोनों पक्षों से 600 से ज्यादा प्रश्न प्राप्त हुए हैं।
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद व्यवस्था के सवाल पर कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री पूरक सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों से कृषि को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। भाजपा के विधायक मुन्ना सिंह चौहान, खजान दास, महेश जीना और विनोद कंडारी ने इस विषय पर सवाल उठाते हुए कहा कि वन्य जीवों के कारण किसानों की फसलें लगातार प्रभावित हो रही हैं और ग्रामीण जनता परेशान है। इस दौरान वन (संरक्षण) अधिनियम को लेकर भी सदन में बहस हुई। विधायकों ने वनों के आसपास रहने वाले लोगों के अधिकारों और समस्याओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। वन मंत्री सुबोध उनियाल से जवाब मांगे गए, हालांकि कई सवालों पर स्पीकर ने भी मंत्री से स्पष्ट जवाब देने की अपील की।
भाजपा विधायक खजान दास ने वन कानूनों को लेकर सवाल करते हुए पूछा कि क्या देश के अलग-अलग राज्यों में अलग कानून लागू हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए पूछा कि उत्तराखंड में सड़क परियोजनाएं वर्षों तक क्यों अटकी रहती हैं। इस पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हाल के समय में फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया में तेजी आई है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष लोक निर्माण, पेयजल और विद्युत सहित छह विभागों से जुड़े 713 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने यमुनोत्री-खरसाली रोपवे परियोजना की प्रगति को लेकर सवाल उठाया। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए नई कंपनी को टेंडर दिया गया है और काम जल्द पूरा किया जाएगा।
प्रश्नकाल के दौरान डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने जोशीमठ क्षेत्र के दूरस्थ गांव जुगवाड़ा में पैदल झूला पुल निर्माण का मुद्दा उठाया, जिस पर लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने जल्द निर्माण का भरोसा दिलाया।
सदन में मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि वर्ष 2000 से 31 जनवरी 2026 तक राज्य में वन्यजीव हमलों में 1,296 लोगों की मौत हुई है और 6,624 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।
बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में आर्थिक सर्वेक्षण और कैग की रिपोर्ट पेश किए जाने के साथ चार महत्वपूर्ण अध्यादेश भी पटल पर रखे जाने हैं। इनमें उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) संशोधन अध्यादेश 2025, उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2025 और उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026 शामिल हैं।
सत्र की शुरुआत से पहले ही विपक्ष ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी, जिस पर स्पीकर ने नियम 58 के तहत इस विषय को सुनने का आश्वासन दिया।


