उत्तराखंड में यहाँ अग्निवीर पास युवक निकला बैटरी चोर, हल्द्वानी में ट्रकों पर धावा बोलने वाला गैंग गिरफ्तार………

हल्द्वानी: हल्द्वानी में वाहन बैटरी चोरी के एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। हैरानी की बात यह है कि गिरोह का एक सदस्य उत्तर प्रदेश के बरेली क्षेत्र का रहने वाला वह युवक है, जिसने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन पूर्व आपराधिक मामलों के कारण उसे नौकरी नहीं मिल सकी।

सीओ हल्द्वानी अमित कुमार के अनुसार, 12 फरवरी को बनभूलपुरा निवासी जुहैब आलम हुसैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 7 फरवरी को उनका ट्रक (संख्या DL IG 5376) इंद्रानगर गेट के पास खड़ा था, जहां से अज्ञात व्यक्तियों ने बैटरी निकाल ली। जांच में यह भी सामने आया कि आसपास खड़े अन्य वाहनों से भी बैटरियां चोरी हुई थीं।

शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम गठित की गई। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर अहम सुराग मिले। इसी क्रम में 14 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर गौला बाईपास रोड से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से चोरी में प्रयुक्त कार और छह बैटरियां बरामद हुईं।

कबाड़ी के जरिए खपाई जाती थीं बैटरियां

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गौला नदी क्षेत्र में खड़े ट्रकों और डंपरों को निशाना बनाते थे। चोरी की गई बैटरियां हल्द्वानी के कबाड़ी जलील अहमद को बेची जाती थीं। कुछ बैटरियां आसपास छिपाकर रखी जाती थीं, जिन्हें बाद में मौके के अनुसार निकाल लिया जाता था।

पुलिस ने कबाड़ी जलील अहमद को भी हिरासत में ले लिया है। जांच में सामने आया है कि वह खरीदी गई बैटरियों को तोड़कर आगे बेच देता था।

गिरफ्तार आरोपी-

विनोद कुमार (25 वर्ष), निवासी पिण्डारी अशोक, बहेड़ी, बरेली (उ.प्र.)

रंजीत सिंह पुत्र ख्याली राम (24 वर्ष), निवासी पिण्डारी अशोक, बहेड़ी, बरेली (उ.प्र.)

रंजीत सिंह पुत्र राम भरोसे (26 वर्ष), निवासी पिण्डारी अशोक, बहेड़ी, बरेली (उ.प्र.)

जलील अहमद, निवासी हल्द्वानी
पुलिस के अनुसार, विनोद, रंजीत और रंजीत पुत्र राम भरोसे के खिलाफ बहेड़ी थाने में पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

अग्निवीर भर्ती पास, लेकिन नौकरी से वंचित
जांच में यह भी पता चला कि विनोद ने अग्निपथ योजना के अंतर्गत अग्निवीर भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण की थी, हालांकि पूर्व आपराधिक इतिहास के कारण उसकी नियुक्ति नहीं हो सकी।

पुलिस का कहना है कि गिरोह अन्य वारदातों में भी शामिल रहा है, जिसकी पड़ताल जारी है।