उत्तराखंड में शिक्षा गुणवत्ता सुधारने को पहली बार होगी दक्षता परीक्षा, कक्षा 2, 5 और 8 के छात्रों का होगा आकलन…..

देहरादून: प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन अब और प्रभावी ढंग से किया जाएगा। विद्यार्थियों के दक्षता आधारित आकलन की समग्र रिपोर्ट सरकार तक पहुंचेगी। इसके लिए कक्षा दो, पांच और आठ के विद्यार्थियों का आज (सोमवार) को दक्षता परीक्षा (टेस्ट) लिया जाएगा। पिछले राष्ट्रीय सर्वेक्षण में उत्तराखंड का बेहतर प्रदर्शन न होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को प्रदर्शन सुधारने के सख्त निर्देश दिए थे। जिसके क्रम में दक्षता परीक्षा पहली बार आयोजित की जा रही है।

रिपोर्ट के आधार पर विद्यार्थियों की सीखने की स्थिति का पता चलेगा और जिन दक्षताओं में विद्यार्थी कमजोर पाए जाएंगे, उन्हें चिह्नित कर सुधारात्मक शिक्षण कराया जाएगा। शिक्षा सचिव ज्योति यादव की अभिनव पहल पर दक्षता परीक्षा आकलन के बाद मूल्यांकन और परिणाम अपलोड करने की समयसीमा तय की गई है। निर्देश के अनुसार सात सितंबर को ही विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा करना होगा।

इसके बाद आठ सितंबर को दोपहर दो बजे तक परिणाम विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) के आनबोर्ड प्रगति चैटबाट पर अपलोड करने होंगे। विद्यालयों को विद्यार्थियों के दक्षता आधारित आकलन के उत्तर पत्रक और संकलन शीट सुरक्षित रखनी होगी। इनका सत्यापन सीआरपी, बीआरपी अथवा विभागीय अधिकारियों की ओर से किया जाएगा। निर्धारित समय में परिणाम अपलोड नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।

वहीं, सही और गलत उत्तरों के विश्लेषण से विषय शिक्षकों को यह पता चलेगा कि विद्यार्थी किन दक्षताओं को अभी हासिल नहीं कर पाए हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए नौ सितंबर से विशेष सुधारात्मक शिक्षण अनिवार्य रूप से शुरू कराया जाएगा।

राष्ट्रीय रैंकिंग के लिए प्रारंभ की गई तैयारी
एससीईआरटी के अपर निदेशक परमेंद्र सकलानी ने कहा कि इस आकलन से विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम में सुधार की दिशा तय होगी। साथ ही राष्ट्रीय सर्वे परख और परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआइ) जैसे नेशनल रैंकिंग में उत्तराखंड के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।