उत्तराखंड में धामी सरकार ने प्रदेश को बनाया स्पोर्ट्स हब, खिलाड़ियों को मिल रहे विश्वस्तरीय अवसर……..
देहरादून: प्रदेश में सरकार के गठन और तत्पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड ने खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। राज्य सरकार ने देवभूमि को न केवल धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन, बल्कि ‘स्पोर्ट्स हब’ के रूप में भी स्थापित करने का संकल्प लिया है। ‘खेल नीति 2021’ के क्रियान्वयन से लेकर राष्ट्रीय खेल 2025 की मेजबानी तक, उत्तराखंड में खेल सुविधाओं का विस्तार तेजी से हुआ है।
उत्तराखंड की नई खेल नीति 2021: सरकार ने खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक पारदर्शी और दूरदर्शी खेल नीति लागू की। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, मुफ्त प्रशिक्षण और खेल उपकरण प्रदान करने की व्यवस्था की गई।
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज (देहरादून): इसे आधुनिक सुविधाओं, विश्वस्तरीय एथलेटिक ट्रैक, शूटिंग रेंज और इनडोर हॉलों से लैस किया गया है।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (हल्द्वानी): कुमाऊं क्षेत्र के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम, स्विमिंग पूल और अंतरराष्ट्रीय मानकों के ग्राउंड तैयार किए गए हैं।
एस्ट्रोटर्फ और वॉटर स्पोर्ट्स: पिथौरागढ़ और पौड़ी जैसे पर्वतीय जिलों में हॉकी के लिए आधुनिक एस्ट्रोटर्फ का निर्माण और टिहरी झील में अंतरराष्ट्रीय स्तर के ‘वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ की स्थापना की गई है
‘मुख्यमंत्री उभरते खिलाड़ी छात्रवृत्ति योजना’: 8 से 14 वर्ष की आयु के उभरते खिलाड़ियों को प्रति माह 1,500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है, जिससे ग्राम पंचायत स्तर से प्रतिभाओं की खोज (Talent Hunt) हो रही है।
आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी : ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे पुलिस, खेल और अन्य विभागों में राजपत्रित और गैर-राजपत्रित पदों पर सीधी नियुक्ति देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
38वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी का रोडमैप: उत्तराखंड को राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी मिलना राज्य के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमाण है। इसके तहत देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी और रुद्रपुर में स्टेडियमों का सौंदर्यीकरण और आधुनिक निर्माण अंतिम चरण में है।
उत्तराखंड में खेलों के बढ़ते सामर्थ्य और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य पर विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमने राज्य में नई खेल नीति लागू कर खिलाड़ियों को हरसंभव सुविधा, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और सरकारी नौकरियों का अधिकार दिया है। 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, जो हमारी खेल संरचना को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल करना है, ताकि हमारे युवा देश का नाम पूरे विश्व में रोशन कर सकें।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी प्रोत्साहन नीतियों और मुख्यमंत्री के विजन के चलते आज उत्तराखंड के युवा एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, शूटिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहरा रहे हैं।


