उत्तराखंड में आज भारी बारिश का ऑरेंज-येलो अलर्ट, पांच जिलों में स्कूल बंद, SDRF हाई अलर्ट पर………
देहरादून: मौसम विभाग की चेतावनी के बीच अगले 24 से 48 घंटे उत्तराखंड के लिए संवेदनशील रह सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, मलबा आने और नदियों-गदेरों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहेगा। प्रशासन और SDRF ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए त्वरित रेस्क्यू के लिए टीमें अलर्ट रखी हैं। खासतौर पर सड़क मार्गों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित ढलानों पर सतर्कता बेहद जरूरी है।
उत्तराखंड में मानसून का असर सोमवार को भी तीखा बना हुआ है। पर्वतीय जिलों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल के कुछ इलाकों में गर्जन और बिजली चमकने के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के कुछ क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश के साथ अचानक जलभराव, भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पांच जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी बंद
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सोमवार को देहरादून, चमोली, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।
रविवार को पूरे प्रदेश में बरसे बादल
रविवार को उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कई स्थानों पर जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ। नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर पहाड़ी दरकने से हाईवे करीब छह घंटे तक बंद रहा। वहीं मसूरी के पानी वाले बैंड क्षेत्र में भूस्खलन के बाद ऊपर बने मकानों पर खतरा बढ़ गया।
देहरादून के सौड़ा सरोली में तेज बहाव के कारण सड़क का एक हिस्सा बह गया। तमसा और शीतला नदियां उफान पर रहीं। इसके अलावा चमोली के सिमली मोटर मार्ग और टिहरी के नरेंद्रनगर-गुजराड़ा मार्ग पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई।
ऑरेंज अलर्ट के बीच SDRF हाई अलर्ट पर
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच SDRF ने प्रदेशभर में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने प्रदेश में तैनात SDRF टीमों की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए बैठक की। बैठक में सभी कंपनी प्रभारियों ने हिस्सा लिया।
सेनानायक ने तैनाती क्षेत्रों में मौसम की स्थिति और टीमों की तैयारियों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी टीमें पूर्ण उपकरणों और आवश्यक सुरक्षा संसाधनों के साथ अलर्ट मोड पर रहें। किसी भी आपातकालीन कॉल पर टीम को बिना देरी घटनास्थल के लिए रवाना करने और रेस्क्यू में किसी भी तरह की देरी न होने के निर्देश दिए गए।
नदियों और संवेदनशील ढलानों पर निगरानी
SDRF को नदियों, गदेरों, नालों, संवेदनशील ढलानों और संभावित आपदा प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। स्थानीय लोगों को भी मौसम की स्थिति और संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों के मौसम और परिस्थितियों की जानकारी लगातार SDRF कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
जवानों की सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता
सेनानायक ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान SDRF जवानों की व्यक्तिगत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। सभी टीमों को लाइफ जैकेट, हेलमेट, रोप रेस्क्यू उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता और कार्यशीलता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
SDRF के मुताबिक प्रदेशभर में तैनात टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू एवं राहत कार्य के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


