उत्तराखंड में बागवानी परियोजना के लिए विकसित होगी सप्लाई चेन, बनेंगे छोटे कोल्ड स्टोरेज………
देहरादून: उत्तराखंड में जायका से वित्त पोषित एकीकृत बागवानी विकास परियोजना के तहत अब क्लस्टर क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही सप्लाई चेन और छोटे कोल्ड स्टोरेज विकसित किए जाएंगे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में हुई बैठक में परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए।
अप्रैल, 2022 से प्रारंभ हुई एकीकृत बागवानी विकास परियोजना की समयावधि दिसंबर, 2029 तक है। मुख्य सचिव ने परियोजना को पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड करने को कहा, जिससे इसकी जीआइएस आधारित डिजिटल मैपिंग की जा सके। साथ ही इससे परियोजना के विभिन्न घटकों में बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने वर्षवार लक्ष्य निर्धारित कर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
उन्हाेंने परियोजना के तहत नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी और उत्तरकाशी के 16 विकासखंडों में बनाए गए 16 क्लस्टर आधारित बिजनेस आर्गनाइजेशन की अलग-अलग समीक्षा पर भी जोर दिया। कहा कि इससे बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों की पहचान हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बागवानी की अच्छी संभावनाएं हैं, इसलिए सिंचाई व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। प्रमुख सचिव सिंचाई को सभी 16 क्लस्टर में निश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार 30 मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज को छोटे आकार में विकसित करने और जरूरत के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाने को कहा। सोलर आधारित कोल्ड स्टोरेज की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने पालीहाउस योजना की साप्ताहिक समीक्षा कर समय पर काम पूरा करने तथा महक क्रांति के तहत वर्ष 2036 तक वर्षवार लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डा. एसएस पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


