देश की एकता, अखंडता एवं गौरव बनाए रखना युवा पीढ़ी का दायित्व: श्रीमहंत डॉ रविन्द्रपुरी……

हरिद्वार: स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत आज एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज, हरिद्वार में महाविद्यालय की आतंरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, पर्यावरण प्रकोष्ठ, लीगल ऐड सेल, एंटी ड्रग सेल, मानक क्लब तथा राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वाधान में भव्य एवं उत्साहपूर्ण तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। हाथों में तिरंगा लेकर निकली यात्रा ने देवनगरी में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविन्द्र पुरी जी महाराज रहे। महाविद्यालय पहुंचने पर उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर एवं अंगवस्त्र प्रदान कर स्वागत किया गया। श्रीमहंत डॉ. रविन्द्र पुरी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसके तीनों रंग देश के महान आदर्शों और राष्ट्रीय जीवन के विभिन्न मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें असंख्य वीरों के त्याग एवं बलिदान से प्राप्त हुई है और आज की युवा पीढ़ी का दायित्व है कि वह देश की एकता, अखंडता एवं गौरव को बनाए रखने में अपना योगदान दे।

श्रीमहंत डॉ. रविन्द्र पुरी जी महाराज ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी युवा आबादी, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता में निहित है। युवाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम न मानकर राष्ट्र एवं समाज की सेवा का साधन बनाएं। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग होना अत्यंत आवश्यक है।

श्रीमहंत डॉ. रविन्द्र पुरी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं महाविद्यालय परिवार को राष्ट्र की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संकल्प दिलाया तथा तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के भीतर राष्ट्र के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना जागृत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हमें स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष और राष्ट्र के प्रति हमारे दायित्वों की निरंतर याद दिलाता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपने घरों में तिरंगा फहराने के साथ-साथ उसके सम्मान एवं गरिमा का भी विशेष ध्यान रखें। प्रो. बत्रा ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि युवा जब राष्ट्रहित को अपनी प्राथमिकता बनाते हैं तो देश का भविष्य और अधिक उज्ज्वल बनता है।

इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ संजय कुमार माहेश्वरी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा देश की विविधता में एकता का प्रतीक है। भारत की शक्ति उसकी भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता के बावजूद एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहने में है। उन्होंने युवाओं से जाति, धर्म, क्षेत्र एवं अन्य भेदभावों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सुपरवाइजर मनोज सहगल ने कहा कि आज के युवा सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक के दौर में देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें।

महाविद्यालय परिसर से प्रारम्भ हुई तिरंगा यात्रा शहर के मध्य होती हुई पुनः महाविद्यालय परिसर पहुंच कर संपन्न हुई। इस तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा में शामिल हुए। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्”, “जय हिंद” सहित विभिन्न देशभक्ति नारों का उद्घोष किया। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। तिरंगे के साथ चल रहे विद्यार्थियों ने आमजन को भी राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन एवं गरिमापूर्ण व्यवहार का परिचय देते हुए राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना प्रदर्शित की।

इस अवसर पर प्रो जे सी आर्य, डॉ शिव कुमार चौहान, डॉ विजय शर्मा, वैभव बत्रा, डॉ पूर्णिमा सुन्दरियाल, डॉ मोना शर्मा, विनीत सक्सेना, कार्यालय अधीक्षक मोहन चन्द्र पाण्डेय, सुपरवाइजर श्री मनोज सहगल, सहायक अध्यापक अरुण कुमार, सहायक अध्यापक मनोज कुमार, सहायक अध्यापक चन्द्रकान्त सहित अनेक छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।