उत्तराखंड में भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी, सात जिलों में प्रशासन हाई अलर्ट पर, आज रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद………
देहरादून: राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जनपदों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पर्यटकों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर व पिथौरागढ़ जनपदों के कुछ क्षेत्रों में 31 जुलाई को भारी वर्षा के कारण जलभराव, फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की आशंका व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जनपदों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, स्थानीय प्रशासन को सक्रिय रखने, मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उन्हें तत्काल खोलने एवं पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, बीआरओ सहित सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
रुद्रप्रयाग के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे
मौसम विभाग की ओर से 31 जुलाई को बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले के कक्षा एक से 12 तक संचालित सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों के साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र शुक्रवार को बंद रहेंगे।
पर्यटकों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने पर रोक
प्रदेश में खराब मौसम को देखते हुए पर्यटकों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जिलाधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर बारिश से जलभराव और बाढ़ की संभावना जताई गई है।
सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवागमन में नियंत्रण रखा जाए, आपदा प्रबंधन आईआरएस प्रणाली के नामित सभी अधिकारी हाई अलर्ट में रहेंगे। इसके अलावा भूस्खलन के लिए संवेदनशील मार्गों पर पहले से उपकरणों की उचित व्यवस्था करना सुनिश्चित करें।


