उत्तराखंड में BJP प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान के लिए मांगी माफी, कहा- ‘भावनाएं आहत हुई हों तो क्षमाप्रार्थी हूं’……….
देहरादून: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने युवाओं को लेकर दिए अपने विवादित बयान पर खेद जताते हुए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि यदि उनके किसी शब्द या उच्चारण से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह क्षमाप्रार्थी हैं। इससे पहले उन्होंने बयान को गलत तरीके से पेश किए जाने की बात कही थी।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शनिवार को युवाओं को लेकर दिए अपने बयान के लिए माफी मांगी है। रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ‘यदि मेरे कल के वक्तव्य के किसी शब्द या उसके उच्चारण से भ्रमवश किसी की भावनाएं आहत हुई हों, तो मुझे खेद है और मैं क्षमाप्रार्थी हूं। मेरा उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था।’
ज्ञात हो कि प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मीडिया के समक्ष अपना बयान दिया था, आरोप था कि उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए एक गलत शब्द बोला था। इसका वीडियो वायरल हो गया था। इसके कुछ ही देर बाद उन्होंने एक और वीडियो जारी कर सफाई दी थी। कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सोशल मीडिया में वायरल वीडियो पर अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने ‘सारों’ कहा था। शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मीडिया के समक्ष अपना बयान दे रहे थे। वीडियो में वह बोल रहे हैं कि आंदोलन छात्रों को गुमराह करके किया गया था। हम बार-बार कहते भी हैं। लेकिन जब किसी बात को ठीक प्रकार से पहुंचाने की क्षमता नहीं हो पाती है तो इस प्रकार के परिणाम देखने को मिलते हैं।
भट्ट ने कहा कि ‘मैं कह सकता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान का यह छात्रहित में लिया गया निर्णय है। और जो छात्र घरों में भी थे, जिनका लेना देना नहीं था, उनको भी एक अच्छा मैसेज धर्मेंद्र प्रधान ने दिया है। मोदी सरकार में हमेशा जो जनभावनाएं होती हैं। जो जनता को एक प्रकार से दिग्भ्रमित करने का प्रयास होता है, उन सबको रोकने का जो निर्णय होता है, वह धर्मेंद्र प्रधान ने लिया है।’
वीडियो वायरल होने के बाद महेंद्र भट्ट ने दूसरी वीडियो जारी करके अपनी सफाई दी। बोले कि मेरे एक बयान को विपक्ष द्वारा गलत ढंग से प्रचारित किया जा रहा है। मैंने इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग नहीं किया। मैंने उसमें कहा है कि जिनको सारों को इस आंदोलन से कोई लेना देना नहीं था, उस प्रकार की शब्दावली मैंने कही है। इसे गलत ढंग से प्रस्तुत न किया जाए।


